Friday , 25 June 2021

राज्य में एक भी भूमाफिया को बख्शा नहीं जाएगा, 133 केस दर्ज, 317 जेल भेजे गए: गृह मंत्री

गांधीनगर (Gandhinagar) . गृह राज्य मंत्री प्रदीपसिंह जाडेजा ने आज विधानसभा में कहा कि सरकार राज्य में भूमाफियाओं को सबक सिखाने कटिबद्ध है और एक भी भूमाफिया को बख्शा नहीं जाएगा. राज्यभर में 133 केस दर्ज कर 317 भूमाफियाओं को जेल भेज दिया गया है.

शुक्रवार (Friday) को विधानसभा में जूनागढ़ में गुजरात (Gujarat) लैंड ग्रेबिंग एक्ट 2020 के तहत मामलों की सुनवाई के लिए खास कोर्ट के गठन से संबंधित प्रश्न के उत्तर में प्रदीपसिंह जाडेजा ने बताया कि जूनागढ़ जिले में अब तक लैंड ग्रेबिंग से संबंधित 57 शिकायतें मिली हैं. राज्यभर में समिति की सिफारिश के आधार पर 133 एफआईआर (First Information Report) दर्ज की गई है. 114 चार्जशीट दाखिल कर 317 जितने भूमाफियाओं को जेल में ठूंस दिया गया है. राज्यभर में 1384 बीघा जितनी जमीन उसके मूल मालिकों के वापस कराने की कार्रवाई की जा रही है. जाडेजा ने कहा कि ऐसे भूमाफिया राज्य में अन्य मामलों को अंजाम नहीं दे पाए, इसके लिए राज्य की स्टेट क्राइम ब्रांच आवश्यक ट्रेक रिकार्ड रख रही है, ताकि ऐसे तत्वों को ज्यादा से ज्यादा जेल में रखा जा सकेगा.

उन्होंने कहा कि गुजरात (Gujarat) के तत्कालीन मुख्यमंत्री (Chief Minister) और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) की दीर्घदृष्टि आयोजन और परिणामोन्मुख कार्यवाही के चलते राज्य में आज कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. मुख्यमंत्री (Chief Minister) विजय रूपाणी द्वारा गरीब परिवारों को मददगार हो सके ऐसे कानून बनाए गए हैं, जिसकी वजह से आज राज्यभर में सरकार को आशीर्वाद मिल रहा है. राज्य की मौजूदा कानून व्यवस्था के चलते ही हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में 90 फीसदी सीटें भाजपा के खाते में आई हैं, जो स्पष्ट करता है कि जनता राज्य सरकार (State government) के कामकाज पूरी तरह संतुष्ट है.

जाडेजा ने कहा कि गुजरात (Gujarat) में सर्वांगीण विकास के चलते जमीनों की कीमतें बढ़ी हैं और इस कारण ऐसे भूमाफिया अस्तित्व में आए हैं. राज्य के गरीब किसानों और लोगों को बहला फुसलाकर फर्जी दस्तावेज के जरिए ऐसे भूमाफिया उनकी जमीन न हड़प लें, इसलिए राजनीतिक इच्छाशक्ति से गुजरात (Gujarat) सरकार ने लैंड ग्रेबिंग एक्ट बनाकर उसे लागू भी कर दिया है. इसके लिए रु. 2000 के टोकन दर पर स्थानीय जिला स्तर पर उच्चस्तरीय समिति के समक्ष आवेदन करना होता है. कलेक्टर (Collector) भी सुओमोटो कार्यवाही कर कार्यवाही कर सकते हैं. जिसके लिए जिला कलेक्टर (Collector) की अध्यक्षता में जिला विकास अधिकारी, जिला पुलिस (Police) अधीक्षक और महानगर पालिका आयुक्त को शामिल कर उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है. जो 21 दिन में आवेदन के बारे में फैसले कर एफआईआर (First Information Report) करने का आदेश देती है. साथ ही पुलिस (Police) को एफआईआर (First Information Report) के संदर्भ में 7 दिन में उचित कार्यवाही करने का आदेश देती है. गृह राज्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. इसके लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति से कानूनों में संशोधन किए गए हैं. गुंडों के खिलाफ कड़ा कानून बनाए जाने से गुंडों में दहशत व्याप्त है.

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