Thursday , 24 June 2021

निठारी कांड- सुरेंद्र कोली को 13वें मामले में सीबीआई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में किया बरी

गाजियाबाद (Ghaziabad) . दिल्ली से सटे गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले की विशेष CBI अदालत ने निठारी कांड के 13वें मामले में मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को शुक्रवार (Friday) को बरी कर दिया. कोर्ट ने कोली को पुख्ता साक्ष्यों के अभाव में बरी किया है. कोली पर इस मामले में बच्ची की हत्या (Murder) , दुष्कर्म और शव नाले में फेंकने का आरोप लगाया गया था. निठारी कांड के अब तक 12 मामलों में CBI कोर्ट उसे फांसी की सजा सुना चुकी है.

जानकारी के अनुसार, एक बच्ची से दुष्कर्म, हत्या (Murder) और शव नाले में फेंकने से जुड़े 13वें मामले में CBI की स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को पुख्ता सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. निठारी कांड का खुलासा 29 दिसंबर 2006 को हुआ था. कोठी नंबर डी-5 में ही सुरेंद्र कोली ने इन हत्या (Murder) ओं और दुष्कर्म की वारदातों को अंजाम दिया था.

CBI ने बच्चियों के लापता होने और हत्या (Murder) कर शव छुपाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया था. छानबीन के बाद डी-5 कोठी मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार करके CBI ने बड़ा खुलासा किया था. आरोप था कि इन लोगों ने मासूम और नाबालिग बच्चियों का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या (Murder) कर दी थी और फिर शवों को क्षत-विक्षत कर नाले में फेंका गया था. निठारी में 2006 में दिल दहला देने वाले 12 केसों में CBI की स्पेशल कोर्ट भले ही फैसले सुना चुकी हो, लेकिन इसी कांड में चार मामले अब भी कोर्ट में विचाराधीन हैं.

इन मामलों में भी अभी फैसला आना बाकी है. इसके साथ ही निठारी कांड से जुडे़ तीन मामले ऐसे भी हैं, जिन में आज तक कोई पर्दा नहीं उठ सका. कई महीनों की जांच के बाद जब इन तीन मामलों में कोई सबूत नहीं मिला तो CBI ने इनमें अपनी क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी थी.

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