निसिथ प्रामाणिक का आरोप- ‘डर फैलाने के लिए ममता बनर्जी ने कराई मालदा घटना’, बंगाल में भाजपा की जीत का दावा

कोलकाता, 6 अप्रैल . माथाभांगा से बीजेपी प्रत्याशी निसिथ प्रामाणिक ने आरोप लगाए हैं कि ममता बनर्जी ने लोगों में डर पैदा करने के लिए मालदा की घटना कराई थी. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने अब तक राज्य में डर का माहौल बनाकर अपना मनमानी चलाई और सत्ता हासिल की, लेकिन इस बार वह चुनाव हारेंगी.

समाचार एजेंसी से बात करते हुए निसिथ प्रामाणिक ने दावा किया कि सिर्फ भाजपा नहीं कह रही है, बल्कि बंगाल के लोग कह रहे हैं कि बदलाव की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस बार ऐसी Government चाहिए, जो विकास करा सके. पिछले 15 सालों से लोगों ने अराजकता और गलत राजनीति देखी है. लोग टीएमसी Government को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहते हैं.

निसिथ प्रामाणिक ने कहा कि बंगाल के लोगों के हाथ में नौकरी नहीं है. इसके लिए भी ममता बनर्जी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं. जब बंगाल के युवा शिक्षित होने के बाद दूसरे राज्यों में नौकरी करने जाते हैं, तो ममता बनर्जी उनका मजाक उड़ाती हैं. अब बंगाल का युवा जाग उठा है. वह पूछ रहा है कि Chief Minister ममता बनर्जी के घर में भी एक युवा बेरोजगार है, क्यों वह पकौड़ा बेचना शुरू कर देता.

उन्होंने घुसपैठ का मुद्दा उठाया और ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए. भाजपा नेता ने कहा, “भारत-बांग्लादेश सीमा के बिना बाड़ वाले इलाके राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं. फिर भी, ममता बनर्जी की वजह से ये इलाके बिना बाड़ के हैं. सवाल उठता है कि केंद्र Government कुछ इलाकों में सीधे तौर पर दखल नहीं दे सकती, तो ममता बनर्जी ने क्यों भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ के लिए 450 किलोमीटर की जमीन केंद्र को नहीं दी. सवाल यह भी उठता है कि क्या ममता बनर्जी ने रोहिंग्या और फर्जी मतदाताओं को लाने के लिए जमीन नहीं दी.”

मालदा की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी ने खुद ही पहले कहा था कि मालदा जैसी घटना फिर से हो सकती है. ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर कहा था कि एक विशेष वर्ग उनके कंट्रोल में है. हिंदू और सनातनी बिल्कुल भी ममता बनर्जी के कंट्रोल में नहीं हो सकते हैं. अब कौन कंट्रोल में है, उसको आसानी से समझा जा सकता है. ममता बनर्जी ने लोगों में डर पैदा करने के लिए ही मालदा की घटना करवाई थी.”

उन्होंने कहा, “सीमावर्ती गांवों में आम तौर पर आबादी कम होती है, लेकिन भारत-बांग्लादेश सीमा के इलाकों में घुसपैठ की वजह से आबादी ज्यादा है. इन इलाकों में रहने वालों में ज्यादातर लोग घुसपैठिए हैं. अगर फर्जी मतदाता और रोहिंग्या लोगों को हटा दिया जाए, तो ममता चुनाव हार जाएंगी.”

निसिथ प्रामाणिक ने यह भी कहा कि 2024 के Lok Sabha चुनाव से पहले ढाई लाख फर्जी मतदाताओं को शामिल कराया गया था. डीएम ने बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवा दिए थे. खासकर यह संख्या वहां बढ़ाई गई, जहां मुस्लिम आबादी सबसे अधिक थी. अगर Lok Sabha चुनाव से पहले एसआईआर (मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण) करवाया गया होता, तो हम यकीनन चुनाव जीत जाते.

उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा, “मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि बंगाल के लोग इस बार जरूर परिवर्तन करेंगे और नया सवेरा होगा.”

डीसीएच/

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