नई दिल्ली, 1 अप्रैल . पंजाबी अभिनेत्री-गायिका निमरत खैरा, जो जल्द ही गिप्पी ग्रेवाल की फिल्म ‘अकाल’ में नजर आएंगी, उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्होंने इतिहास पढ़ना शुरू किया, उनकी रुचि इसमें काफी बढ़ गई.
10 अप्रैल को रिलीज होने वाली “अकाल: द अनकॉन्क्वेर्ड” फिल्म 1840 दशक के पंजाब पर आधारित है. यह सरदार अकाल सिंह और उनके गांव की कहानी को पेश करेगी. जिसमें महाराजा रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद जंगी जहान और उसकी सेना द्वारा प्रतिशोधात्मक हमले का सामना करते हैं.
पंजाबी अभिनेत्री-गायिका निमरत खैरा से यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें इतिहास पढ़ना पसंद है, क्योंकि वह एक ऐतिहासिक फिल्म में काम कर रही हैं. निमरत ने को बताया, “सच कहूं तो, मैंने पहले बहुत ज्यादा इतिहास नहीं पढ़ा था. मैंने हाल ही में इसे पढ़ना शुरू किया है. जैसे-जैसे मैंने पढ़ना शुरू किया, मेरी रुचि काफी बढ़ गई.”
“खास तौर पर सिख साम्राज्य का इतिहास, जिस पर महाराजा रणजीत सिंह ने 40 साल तक शासन किया. जब मैंने उसे पढ़ा, तो मुझे ताकत का अहसास हुआ. उसके बाद, मैंने हरि सिंह नलवाजी, शाम सिंह अटारीवाला जी, बाबा बंदा सिंह बहादुर को पढ़ा.”
निमरत की बात करें तो वह वॉयस ऑफ पंजाब सीजन 3 की विजेता हैं और अपने सिंगल “इश्क कचेरी” की रिलीज के बाद उन्हें प्रसिद्धि मिली.
सिंगिंग में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत निशॉन भुल्लर के साथ युगल गीत “रब करके” से की, जो 2015 में रिलीज हुई, जिसे दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली. लेकिन उन्हें अपने अगले दो गीतों “इश्क कचेरी” और “एसपी दे रंक वरगी” से बहुत प्रसिद्धि मिली. यह दोनों गाने 2016 में रिलीज हुए थे.
उन्होंने 2016 में “सैल्यूट वाजदे” जैसे गीतों के साथ अपनी सफलता जारी रखी. 2017 में, उन्होंने कई हिट एकल रिलीज किए, जैसे “रोहाब रखदी”, “दुबई वाले शेख”, “सूट” और “डिजाइनर”.
निमरत ने लाहौरिये से अपनी फिल्मी शुरुआत की. इसमें अमरिंदर गिल, सरगुन मेहता, युवराज हंस, निमरत खैरा, सरदार सोही और गुग्गू गिल मुख्य भूमिका में हैं. यह फिल्म भारत के विभाजन के पंजाब पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में है.
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डीकेएम/