मानव तस्करी के आरोप में एनआईए स्पेशल कोर्ट ने चार बांग्लादेशी नागरिकों को 3 साल कैद की सजा दी

New Delhi, 8 अप्रैल . नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की स्पेशल कोर्ट ने Wednesday को अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी के एक बड़े मामले में चार बांग्लादेशी नागरिकों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर 20,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है. यदि वे जुर्माना नहीं भरते तो उन्हें एक अतिरिक्त महीना जेल में रहना होगा.

सजा पाने वाले चारों आरोपी जाकिर खान, बादल हौलादार, कबीर तालुकदार और मोहम्मद बच्चू घरामी हैं. एनआईए स्पेशल कोर्ट, Bengaluru ने यह सजा विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट (India में प्रवेश) अधिनियम के प्रावधानों के तहत सुनाई है.

आरोपियों ने अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया था. उन्होंने बताया कि वे बेनापोल, जशोर और अखौरा के रास्ते अवैध रूप से बांग्लादेश से India में घुसे थे. India आने के बाद उन्होंने धोखाधड़ी से भारतीय पहचान पत्र बनवाए और Bengaluru के बाहरी इलाकों में कचरा अलग करने का काम शुरू कर दिया. एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि इन आरोपियों ने अपनी यूनिट में अन्य बांग्लादेशी तस्करी पीड़ितों को भी काम पर रख रखा था.

जांच के दौरान एनआईए को पता चला कि आरोपियों ने Bengaluru में जमीन लीज पर ली थी और वहां तस्करी के शिकार बांग्लादेशी नागरिकों को ठहराने के लिए शेड बनाए हुए थे.

एनआईए ने इस मामले को नवंबर 2023 में स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज किया था. खुफिया जानकारी और गहन निगरानी के आधार पर एजेंसी ने सीमा-पार मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया. इसके बाद देशभर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इनके पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र, डिजिटल उपकरण, जाली भारतीय दस्तावेज और भारतीय मुद्रा बरामद हुई. एनआईए ने फरवरी 2024 में चार्जशीट दाखिल की थी और मई 2024 में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था.

एनआईए ने कहा कि वह इस पूरे अपराध मॉड्यूल को पूरी तरह से खत्म करने के लिए जांच जारी रखेगी और सभी दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाएगी.

एससीएच

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