![]()
New Delhi, 4 अक्टूबर . राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चंडीगढ़ के सेक्टर 10 में हुए ग्रेनेड हमले के मुख्य आरोपी अभिजोत सिंह उर्फ बब्बा उर्फ गोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है.
यह हमला बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकवादियों द्वारा रचा गया था. Friday को चंडीगढ़ की विशेष एनआईए अदालत में यह पूरक आरोप पत्र पेश किया गया. अभिजोत सिंह, जो पंजाब का निवासी है, अप्रैल 2025 में इस मामले में गिरफ्तार हुआ था.
यह हमला एक सेवानिवृत्त पंजाब Police अधिकारी को निशाना बनाकर किया गया था ताकि समाज में डर पैदा किया जा सके. एनआईए की जांच में पता चला कि इस साजिश को Pakistan में बैठे बीकेआई आतंकवादी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा और अमेरिका में रहने वाले गैंगेस्टर हैप्पी पासिया ने मिलकर रचा था. पासिया ने India में आतंकवादियों की भर्ती की, उन्हें पैसे और हथियार के साथ विस्फोटक उपलब्ध कराए.
रिंदा और पासिया को पिछले साल मार्च में भगोड़ा घोषित किया गया था, जब रोहन मसीह और विशाल मसीह गिरफ्तार हुए थे. जांच में अभिजोत सिंह को सह-साजिशकर्ता के तौर पर चिह्नित किया गया. जांच के मुताबिक, अभिजोत दिसंबर 2023 में आर्मेनिया गया था, जहां उसे हैप्पी पासिया के गुट शमशेर शेरा ने भर्ती किया. India लौटने के बाद जुलाई 2024 में उसने लक्ष्य की रेकी की और रोहन मसीह के साथ मिलकर अगस्त 2024 में हत्या की कोशिश की. इसके लिए उसे बीकेआई से विदेश से फंडिंग मिली. इसके बाद, सितंबर 2024 में रोहन और विशाल ने ग्रेनेड हमले को अंजाम दिया.
एनआईए का कहना है कि अभिजोत ने आतंकी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई. अब एजेंसी उन अन्य आरोपियों और सहयोगियों की तलाश कर रही है जो साजिश में फील्ड ऑपरेटिव्स को रसद, हथियार और सहायता मुहैया कराते थे. यह मामला आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है. जांच जारी है और एनआईए भगोड़े आतंकवादियों को पकड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग मांग सकती है.
–
एसएचके/जीकेटी