गाजियाबाद/नई दिल्ली, 8 मार्च . अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान पर आभार व्यक्त करने के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने नमो भारत कॉरिडोर और अपने मुख्यालय में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया. इन कार्यक्रमों में महिलाओं और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस खास दिन को यादगार बनाया.
महिला यात्रियों को सम्मानित करने के लिए नमो भारत ट्रेनों के महिला कोच को गुब्बारों से सजाया गया. सफर कर रही महिलाओं के साथ क्विज गेम्स खेले गए, जिसमें विजेताओं को एनसीआरटीसी की ओर से उपहार भेंट किए गए. इस अवसर को और भी खास बनाने के लिए महिला यात्रियों को चॉकलेट्स भी वितरित की गई. यात्रियों ने इस पहल की सराहना की और एनसीआरटीसी का धन्यवाद किया.
इसके अलावा, ट्रेनों के सुचारू परिचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही महिलाकर्मियों ने साहिबाबाद स्टेशन स्थित क्रू कंट्रोल सेंटर में केक काटकर महिला दिवस का जश्न मनाया. गाजियाबाद के नमो भारत स्टेशन पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता एथलीट डॉ. ऋचा सूद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं. उन्होंने कॉलेज छात्राओं और शिक्षिकाओं से अपने खेल करियर और शैक्षणिक उपलब्धियों को साझा किया.
इस दौरान छात्राओं ने मानसिक तनाव, असफलता के डर, स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर सवाल पूछे, जिनका डॉ. सूद ने विस्तार से उत्तर दिया. इसके बाद छात्राओं ने उनके साथ नमो भारत ट्रेन में यात्रा का आनंद भी लिया. दिल्ली स्थित एनसीआरटीसी मुख्यालय गति-शक्ति भवन में भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को धूमधाम से मनाया गया.
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने महिलाकर्मियों से मुलाकात की और उनके योगदान की सराहना की. उन्होंने कहा, “महिलाएं न केवल एनसीआरटीसी और नमो भारत परियोजना की आधारशिला हैं, बल्कि एक बेहतर और सतत भविष्य की मजबूत स्तंभ भी हैं. उनके सहयोग से हम एक सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय परिवहन प्रणाली उपलब्ध करा रहे हैं, जो लाखों महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना रही है.”
लैंगिक समानता पर आधारित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और ‘मास्टर शेफ ऑफ एनसीआरटीसी’ प्रतियोगिता आयोजित की गई. विजेताओं को उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे महिलाओं के आत्मविश्वास को और बल मिला. एनसीआरटीसी के इन प्रयासों ने महिला दिवस के जश्न को और खास बना दिया, जिससे महिलाओं के योगदान को सम्मान और प्रेरणा मिली.
–
पीकेटी/एबीएम