
राहुरी, 6 अप्रैल . एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने Monday को गोविंद मोकाटे को राहुरी विधानसभा सीट के लिए पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया.
एनसीपी (एसपी) के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे आखिरी समय में दौड़ से पीछे हट गए. जिसके बाद पार्टी को गोविंद मोकाटे को उम्मीदवार घोषित करना पड़ा.
शशिकांत शिंदे ने कहा कि हमने गोविंद मोकाटे को उम्मीदवारी देने का फैसला किया है. महा विकास अघाड़ी की सभी पार्टियों ने उनको अपना समर्थन दिया है, और हम इस सीट को पक्का जीतेंगे. जब पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल के भतीजे तनपुरे के पीछे हटने के बारे में पूछा गया, तो शिंदे ने कहा कि तनपुरे चुनाव लड़ने को तैयार नहीं थे, लेकिन मतदाताओं के दबाव में थे.
शशिकांत शिंदे ने कहा कि उन्होंने हमसे कहा था कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते, लेकिन उनके लिए उनके कार्यकर्ताओं की राय आखिरी थी. हम आज दोपहर एक बजे तक उनके टच में थे, और आखिरकार यह तय हुआ कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, और हमने गोविंद मोकाटे को अपना उम्मीदवार चुना.
बता दें कि भाजपा के राज्य अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और अहिल्यानगर गार्डियन मिनिस्टर राधाकृष्ण विखे पाटिल ने प्राजक्त तनपुरे से मुलाकात की थी. बंद कमरे में लंबी बातचीत के बाद, राहुरी उपचुनाव लड़ने पर तनपुरे का रुख बदल गया.
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि हालांकि चव्हाण और विखे पाटिल ने मीटिंग की. केरल में चुनाव प्रचार के दौरे पर होने के बावजूद, Chief Minister फडणवीस ने रवींद्र चव्हाण के किए गए फोन कॉल के जरिए सीधे तनपुरे से बात की.
Chief Minister ने वादा किया कि राज्य Government राहुरी विधानसभा क्षेत्र के बारे में तनपुरे की ओर से उठाए गए हर विकास के मुद्दे और शिकायत को दूर करेगी. Chief Minister के भरोसे के बाद, तनपुरे ने चुनावी मुकाबले से हटने का निर्णय किया.
बता दें कि भाजपा विधायक शिवाजीराव कर्डिले की मौत के बाद अहिल्यानगर जिले की राहुरी विधानसभा सीट खाली हुई थी. अब इस सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है. 23 अप्रैल होन वाला उपचुनाव में भाजपा ने शिवाजीराव कर्डिले के बेटे अक्षय को मैदान में उतारा है. अक्षय ने Monday को राज्य भाजपा प्रमुख रवींद्र चव्हाण और पार्टी के वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.
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एसडी/डीएससी