लातविया में समुद्र के किनारे जहाज का रहस्यमयी मलबा मिला – Daily Kiran
Saturday , 4 December 2021

लातविया में समुद्र के किनारे जहाज का रहस्यमयी मलबा मिला

लंदन . समुद्र के किनारे एक जहाज का रहस्यमयी मलबा मिला है. यह मलबा यूरोप के लातविया देश में ‎मिला है. यह प्राचीन जहाज ब्रिटिश हुकूमत का माना जा रहा है. अनुमान है कि करीब 40 फीट लंबा यह मलबा सैकड़ों साल पुराना है. स्थानीय लोगों ने देश की राजधानी रीगा के करीब समुद्री किनारे पर इसकी खोज की. पानी की सतह पर तैर रहे मलबे को देखकर लोग करीब आए लेकिन खुदाई और जांच में जहाज के विशालकाय मलबे का खुलासा हुआ.

जहाज का एक हिस्सा 39 फीट लंबा और 13 फीट चौड़ा है. यह जहाज कहां का है, इसको लेकर अभी कोई जानकारी नहीं मिली है लेकिन मलबे से मिले सबूतों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि यह सैकड़ों साल पुराना है. मलबे में हजारों तांबे की कीलें लगी हुई मिली हैं जो इस बात का संकेत हैं कि जहाज में एक पतवार था जो तांबे की कीलों से जुड़ा हुआ था. यह 1800 के दशक में रॉयल नेवी के जहाजों के साथ-साथ व्यापारी जहाजों के बीच भी लोकप्रिय था. मलबे की जांच करने वाले एक पुरातत्वविद ने कहा कि हम जितना खोज रहे हैं यह उतना ही स्पष्ट हो रहा है. यह खोज हमारी भविष्यवाणी से कहीं बड़ी है. उन्होंने कहा कि करीब 11 मीटर लंबी और कम से कम चार मीटर चौड़ी रेत की चादर से हमें छुटकारा मिल चुका है. शायद यह मलबा ही सब कुछ नहीं है, हो सकता है कि रेत के नीचे एक पूरा जहाज छिपा हो. मलबे में इस्तेमाल की गई लकड़ी ओक है जो 1800 के मध्य तक ब्रिटेन में एक लोकप्रिय जहाज निर्माण सामग्री थी.

पुरातत्वविद फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मलबे की खुदाई और जांच सबसे बेहतर तरीके से कैसे की जा सकती है. तब तक के लिए जहाज को संरक्षित करने के लिए दोबारा दफन कर दिया गया है. टीमें अब रडार के साथ जमीन के नीचे दबे मलबे की खोज करने की कोशिश करेंगी. देश के नेशनल कल्चर हेरिटेज बोर्ड ने कहा कि संभव है कि यह जहाज 19वीं शताब्दी का है. जहाजों के नीचे तांबे की प्लेटिंग ब्रिटिशर्स ने 18वीं शताब्दी के आखिर में शुरू की थी.

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