मुंबई साइबर सेल ने गृह मंत्रालय से मांगे फोन टैपिंग से जुड़े दस्तावेज और पेन ड्राइव – Daily Kiran
Saturday , 4 December 2021

मुंबई साइबर सेल ने गृह मंत्रालय से मांगे फोन टैपिंग से जुड़े दस्तावेज और पेन ड्राइव

मुंबई (Mumbai) , . मुंबई (Mumbai) पुलिस (Police) की साइबर सेल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) से फोन टैपिंग से जुड़े दस्तावेज और पेन ड्राइव मांगे हैं. साइबर सेल ने इसके लिए कोर्ट से गुहार लगाई है. दरअसल महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने फोन टैपिंग से जुड़े दस्तावेज और पेनड्राइव गृह मंत्रालय (Home Ministry) को सौंपे थे. उन दस्तावेजों की मांग कर रही मुंबई (Mumbai) क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने कोर्ट से इस बारे में गुजारिश की है. मुंबई (Mumbai) साइबर सेल की गुहार के बाद क़िला कोर्ट ने नोटिस जारी कर 22 अक्टूबर को गृह मंत्रालय (Home Ministry) से अपना पक्ष रखने को कहा है. वरिष्ठ सरकारी वकील अजय मिसार ने कहा कि “हमने एमएचए से जांच के किए लगने वाले डॉक्यूमेंट हासिल करने के लिए कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 91 के तहत अर्ज़ी दी. जिसके बाद कोर्ट ने एमएचए को नोटिस जारी किया है कि वे 22 अक्टूबर को कोर्ट में अपना पक्ष रखे”. आपको बता दें कि देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फ़ोन टैपिंग से जुड़े दस्तावेज के बारे में बताया था जो की कॉनफ़िडेंशियल थी. इसके बाद दस्तावेज लीक को लेकर मुंबई (Mumbai) पुलिस (Police) की सायबर सेल ने अज्ञात शख़्स के ख़िलाफ़ इंडियन टेलिग्राफ एक्ट 1855 की धारा 30; इंफ़ोरमेशन टेक्नोलोजी एक्ट 2008 की धारा 44 (बी), 66 और ऑफ़िशियल सीक्रेट एक्ट 1923 की धारा 5 के तहत मामला दर्ज किया था. फडणवीस ने तब कहा था कि उनके पास एक पेन ड्राइव भी है जिसमें 6.3 जीबी डेटा है. ये डेटा पुलिस (Police) अधिकारी और नेताओं के करीबी रिश्तेदारों की फ़ोन कॉल इंटेरसेप्ट थी जिसे उस समय की स्टेट इंटेलिजेंस विभाग की चीफ़ रश्मि शुक्ला ने तैयार की थी. सूत्रों ने बताया कि पिछले छह महीने से मुंबई (Mumbai) पुलिस (Police) गृहमंत्रालय से उन दस्तावेज की मांग कर रही है ताकि इस जांच को आगे बढ़ा सके पर एमएचए की तरफ़ से कोई सहायता नहीं मिलने की वजह से पुलिस (Police) को कोर्ट जाना पड़ा. बता दें कि महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ CBI ने 100 करोड़ रूपये की वसूली के आरोपों के बाद मामला दर्ज किया था. उसी एफआईआर (First Information Report) में उनपर पुलिस (Police) अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग को लेकर अनुचित तरीकों से प्रभावित करने का भी आरोप लगा था. इस मामले की जांच के दौरान CBI ने मुंबई (Mumbai) पुलिस (Police) से फ़ोन टैपिंग से जुड़ी जानकारी मांगी थी जिसने रश्मि शुक्ला द्वारा बनाई ट्रांसफ़र और पोस्टिंग में करप्शन से जुड़ी रिपोर्ट और डॉक्यूमेंट की सर्टिफ़ाइड कॉपी की भी मांग की थी पहले तो महाराष्ट्र (Maharashtra) पुलिस (Police) ने इसे देने से मना किया था पर बाद में हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिया गया था.

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