तालिबान पर पाक की दोहरी नीति को लेकर सांसदों ने जताई नाराजगी, रिश्तों पर फिर समीक्षा कर सकता है अमेरिका – Daily Kiran
Thursday , 28 October 2021

तालिबान पर पाक की दोहरी नीति को लेकर सांसदों ने जताई नाराजगी, रिश्तों पर फिर समीक्षा कर सकता है अमेरिका

वाशिंगटन . आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की दोहरी नीति जग जाहिर है. अफगानिस्तान को लेकर भी उसका डबल गेम दुनिया के सामने आ गया है. पाकिस्तान की इस दोहरी नीति को अमेरिका ने बेनकाब किया है. इसके साथ ही अमेरिका अब अफगानिस्तान के पूरे घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा कदम उठा सकता है. बाइडेन प्रशासन की ओर से इसके संकेत भी दे दिए गए हैं.

अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ रिश्तों की नए सिरे से समीक्षा करने का फैसला कर सकता है. विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकन ने अमेरिकी सांसदों से कहा है कि अमेरिका यह देखेगा कि बीते बीस वर्षों में पाकिस्तान की भूमिका क्या रही है. जिन कारणों का आपने और अन्य लोगों का हवाला दिया है, यह उन चीजों में से एक है, जिसे हम आने वाले दिनों और हफ्तों में देखेंगे, पाकिस्तान ने पिछले 20 वर्षों में जो भूमिका निभाई है और आने वाले वर्षों में जिस भूमिका में हम उसे देखना चाहते हैं.
दरअसल, सांसदों ने 9/11 हमले के बाद अफगानिस्तान में पाकिस्तान की ‘दोहरी नीति’ वाली भूमिका पर नाराजगी जताई और मांग की कि वाशिंगटन इस्लामाबाद से रिश्तों पर पुन: विचार करे. अमेरिकी सांसदों ने बाइडन प्रशासन से अनुरोध किया कि वह पाकिस्तान के मुख्य गैर नाटो सहयोगी के दर्जे के बारे पर भी फिर से विचार करे. कांग्रेस सदस्य बिल कीटिंग ने कहा कि इस्लामबाद ने दशकों से अफगानिस्तान से संबंधित मामलों में नकारात्मक भूमिका निभाई है. आईएसआई के हक्कानी नेटवर्क से मजबूत संबंध है, पाकिस्तान ने 2010 में तालिबान को समूह पुन: गठित करने में मदद की और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने काबुल पर तालिबान के कब्जे का जश्न मनाया था.

अफगानिस्तान में तालिबान शासन आने के बाद पाकिस्तान ज्यादा ही उत्साहित है. पाकिस्तान ने तालिबान शासन आने की खुशी में मिठाई भी बांटी. तालिबान को लेकर पाकिस्तान की खुशी से अमेरिका खासा नाराज है. अमेरिका ने तालिबान को लेकर वार्निंग दी है. अमेरिका की तरफ से इमरान सरकार को साफ संदेश दिया गया है कि जब तक तालिबान अपने वादों को पूरा नहीं करता है, तब तक उसे मान्यता नहीं दे. बाइडेन सरकार ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि तालिबान जब तक अपने किए वादे की दिशा में काम नहीं करता. तब तक तालिबान की मान्यता को लेकर विचार न करे. अमेरिका ने साफ कह दिया कि पहले तालिबान अपने दो बड़े वादे को पूरा करे.

कांग्रेस सदस्य स्कॉट पैरी ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिकी करदाताओं के पैसे से हक्कानी नेटवर्क और तालिबान का समर्थन करता है और अमेरिका को उसे अब और पैसा नहीं देना चाहिए तथा गैर नाटो सहयोगी का दर्जा भी उससे छीन लेना चाहिए. रिपब्लिकन कांग्रेस सदस्य मार्क ग्रीन ने कहा कि आईएसआई जिस तरह से तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को खुलेआम समर्थन दे रहा है, ऐसे में भारत के साथ मजबूत संबंधों पर विचार करना चाहिए.

Please share this news

Check Also

मल्टी मिलियनेयर होटल व्यवसायी विवेक चड्ढा की लंदन में मौत

लंदन . मल्टी मिलियन डॉलर (Dollar) नाइन ग्रुप के प्रमुख 33 वर्षीय युवा होटल (Hotel) …