Saturday , 19 June 2021

मप्रमक्षेविविकं का बिल वसूली का फार्मूला

भोपाल (Bhopal) . मप्र मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए नया फार्मूला शुरू किया है. इसके तहत बिजली बिल नहीं चुकाने वालों के बंदूक का लाइसेंस निरस्त करवाया जाएगा. बिजली कंपनी इस फार्मूले का प्रयोग ग्वालियर (Gwalior)-चंबल के जिलों में करेगी. जहां बंदूक लोगों की शान होती है.

प्रदेश के भिंड (Bhind)-मुरैना में सबसे ज्यादा बिजली चोरी और बिजली बिल बकाया की शिकायतों से बिजली कंपनी त्रस्त है. कंपनी के दबाव के बाद भी लोग बकाया बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं. विगत दिनों मुरैना जिले के दौरे पर गए बिजली कंपनी के सीएमडी गणेश शंकर मिश्रा से बिजली कंपनी के स्थानीय अफसर और कलेक्टर-एसपी की मौजूदगी में हुई चर्चा में तय हुआ कि बिजली बिल का बकाया न चुकाने वालों का बंदूक का लाइसेंस निरस्त किया जाए. ताकि लोग अपना बंदूक का लाइसेंस बचाने के लिए बकाया जमा कर देंगे क्योंकि लोग बंदूक का लाइसेंस भारी-भरकम रकम खर्च करने के बाद भी बड़ी सिफारिश के बाद बनवा पाते हैं. सीएमडी के निर्देश के बाद बिजली कंपनी जिले के दो सौ से अधिक ऐसे बकायादारों की सूची बना चुकी है, जिनके बाद बंदूक का लाइसेंस है.

मुरैना में 125 करोड़ रुपए बकाया

मुरैना जिले में कृषि पंपों के 25 हजार कनेक्शन हैं. पंप कनेक्शन धारी किसानों पर बिजली बिल के 125 करोड़ रुपए बकाया हैं. तमाम तकादों के बाद भी किसान बिजली कंपनी का बकाया एरियर जमा करने को तैयार नहीं हैं. बड़े बकाएदार लोगों में एक लाख रुपए से लेकर 3-3 लाख रुपए के डिफॉल्टर बिजली कंपनी के लिए सिरदर्द बने हुए हैं. चूंकि जून का महीना बिजली कंपनी के लिए वसूली का महीना है. इसलिए कंपनी ने बड़े बकाएदारों के नाम के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इसके लिए महाप्रबंधक पीके शर्मा ने 40 बड़े बकाएदारों की सूची एसडीएम मुरैना, अंबाह व जौरा को भेजी है. संबंधित थानों की पुलिस (Police) को भी सूची भेजकर डिफॉल्टर लोगों के बंदूक, पिस्टल व रिवाल्वर के लाइसेंस निरस्त करने का अनुरोध किया है. इन 40 लोगों से 75 लाख रुपए का बकाया वसूला जाना है.

लाइसेंस के लिए कंपनी की एनओसी जरूरी

बिजली कंपनी के सीएमडी गणेश शंकर मिश्रा का कहना है कि मुरैना जिले में 22 हजार बंदूकों के लाइसेंस हैं. इसलिए अब बकाएदार उपभोक्ताओं के शस्त्र लाइसेंस तभी रिन्युल हो सकेंगे जब बिजली कंपनी उनको एनओसी जारी करेगी. शस्त्र लाइसेंस के आवेदन पुलिस (Police) प्रशासन की तरफ तभी आगे बढ़ाएगी जब बिजली कंपनी ने लिख दिया होगा कि लाइसेंसधारी पर बिजली उपभोग का कोई पैसा बकाया नहीं है.

इनका कहना है

पिछले साल विस सीटों पर हुए उपचुनाव के दौरान जिले की लाइसेंसी बंदूकें थानों में जमा करवा ली थी. उसके बाद से कोरोना का प्रकोप होने के कारण ज्यादातर लोगों की बंदूकें थानों में ही जमा हैं. अब ये बंदूकें तभी दी जाएंगी जब बिजली का बिल पूरा होगा.
गणेश शंकर मिश्रा, सीएमडी, बिजली कंपनी

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