जम्मू, 27 मई . जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मंगलवार को बिजली गिरने से 100 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत हो गई.
इस घटना से प्रभावित परिवारों को भारी दुख और आर्थिक क्षति हुई है, जो अपनी जीविका के लिए पूरी तरह से पशुधन पर निर्भर हैं.
बुद्धल तहसील के तरगैन गांव के खानाबदोश परिवार मौसमी प्रवास पर थे और मर्ग के ऊंचाई वाले चरागाहों में ढोक नामक अस्थायी आश्रय स्थल बनाए थे. खराब मौसम के दौरान उनके शिविर पर बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से जानवरों की मौत हो गई.
प्रभावित परिवारों में मोहम्मद अशरफ, सद्दाम हुसैन, माखन दीन, मोहम्मद फारूक, अजाज अहमद, फखर दीन, जावेद इकबाल और मोहम्मद आरिफ शामिल हैं. प्रभावित परिवारों ने कहा कि पशुधन ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन था और सब कुछ खो जाने के कारण अब उन्हें भूख और लाचारी का सामना करना पड़ रहा है.
बुद्धल के भेड़ पालन विभाग की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया, नुकसान का जायजा लिया और आगे की कार्रवाई के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की. टीम में फ्लॉक सुपरवाइजर शाहबाज कमर और असिस्टेंट स्टॉकमैन लाल हुसैन शामिल थे.
पीड़ितों ने जम्मू-कश्मीर सरकार और राजौरी प्रशासन से तत्काल वित्तीय राहत, मुआवजा और पुनर्वास सहायता की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि समय पर सहायता के बिना उनका अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा.
खानाबदोश बकरवाल परिवारों के लिए उनका पशुधन ही उनकी एकमात्र संपत्ति है और उनका अस्तित्व भेड़ और बकरियों पर निर्भर करता है. वे अपने मवेशियों के लिए घास के मैदान की तलाश में कठोर गर्मी के महीनों के दौरान ऊंचे चरागाहों की ओर पलायन करते हैं.
अक्टूबर के मध्य में ठंड का मौसम शुरू होने के साथ ही बकरवाल सर्दियां बिताने के लिए अपने घरों को वापस चले जाते हैं.
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पीएसके/एकेजे