भोपाल, 28 फरवरी . मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगभग चार दशक पहले हुए यूनियन कार्बाइड हादसे के बाद जमा रासायनिक कचरे को पीथमपुर में जलाया जा रहा है. इस पर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भोपाल में कांग्रेस ने मौत बांटी थी.
भोपाल के यूनियन कार्बाइड में जमा कचरे को कंटेनरों से धार जिले के पीथमपुर स्थित रामकी कंपनी में भेजा गया है. न्यायालय से मिले निर्देश के आधार पर शुक्रवार से कचरा जलाने का सिलसिला शुरू हो रहा है. इसके लिए एक प्रक्रिया तय की गई है, जिसके तहत कचरा जलाया जा रहा है. कांग्रेस का आरोप है कि इस कचरे के जलाए जाने से गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा है.
कांग्रेस के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी की जितनी समझ है, वह अपना काम कर रहे हैं. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश मिले हैं. जहां तक भोपाल हादसे की बात है तो कांग्रेस ने भोपाल में मौत बांटी थी. दस लाख से ज्यादा लोग अगर यूनियन कार्बाइड हादसे में मारे गए तो कांग्रेस के तत्कालीन प्रशासन की लापरवाही थी.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि कांग्रेस ने सालों तक इस बीमारी को फैलाए रखा. एक तरफ भोपाल को मरने के लिए छोड़ दिया और दूसरी तरफ डर फैला रहे हैं. कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए.
इससे पहले कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा था कि मैं फिर मुख्यमंत्री, भाजपा और राज्य सरकार के पूरे तंत्र को चुनौती देता हूं, यदि यूनियन कार्बाइड के कचरे में जहर नहीं है, तो रामकी कंपनी के आसपास के 10 किमी क्षेत्र में पानी की जांच करवा लें, यदि कैंसर के तत्व नहीं मिले, तो मैं सार्वजनिक माफी मांग लूंगा.
उन्होंने कहा कि सरकार याद रखे, कोर्ट की आड़ लेकर जनभावना को जिस तरीके से नजरअंदाज किया जा रहा है, उसकी गंभीर कीमत आने वाली नस्लों को चुकानी पड़ेगी. मैं फिर दोहरा रहा हूं कि इंदौर ने भाजपा को कई विधायक, सांसद और महापौर दिए, किंतु भाजपा बदले में कैसा जहर दे रही है, ये आने वाली पीढ़ियां बताएंगी.
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एसएनपी/एबीएम