एमके स्टालिन ने कराईकुडी में मिनी टाइडल पार्क का किया उद्घाटन

चेन्नई, 31 जनवरी . तमिलनाडु के Chief Minister एम. के. स्टालिन ने Saturday को शिवगंगा जिले के कराईकुडी में नए मिनी टाइडल पार्क का उद्घाटन किया. यह परियोजना राज्य Government की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पारिस्थितिकी तंत्र को बड़े शहरों से आगे बढ़ाकर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक विस्तारित किया जा रहा है.

करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से बने कराईकुडी मिनी टाइडल पार्क से लगभग 600 आईटी पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है. यह सुविधा उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और वाणिज्य विभाग के तहत विकसित की गई है और तकनीक आधारित नौकरियों को छोटे शहरों तक ले जाने की राज्य Government की सोच को दर्शाती है.

तमिलनाडु Government की ओर से जारी बयान के अनुसार, टाइडल पहल की शुरुआत वर्ष 2000 में तत्कालीन Chief Minister एम. करुणानिधि द्वारा चेन्नई के तरमानी में पहले टाइडल पार्क की स्थापना के साथ हुई थी. इस परियोजना ने तमिलनाडु को देश के अग्रणी आईटी गंतव्यों में शामिल करने की नींव रखी और चेन्नई को एक प्रमुख टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाई.

इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए राज्य Government ने पूरे तमिलनाडु में टाइडल अवसंरचना के विस्तार को तेज किया है. 18 फरवरी 2025 को दो बड़े टाइडल पार्कों की आधारशिला रखी गई थी, एक मदुरै में, जिसकी अनुमानित लागत 314 करोड़ रुपये है और निर्मित क्षेत्रफल 5.34 लाख वर्ग फुट होगा, तथा दूसरा तिरुचिरापल्ली के पंचप्पुर में, जिसकी लागत 403 करोड़ रुपये और क्षेत्रफल 5.58 लाख वर्ग फुट प्रस्तावित है. दोनों परियोजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं.

इसके अलावा, पत्ताबिरम में 21 मंजिला टाइडल पार्क, जिसका कुल निर्मित क्षेत्रफल 5.57 लाख वर्ग फुट है, का उद्घाटन 22 नवंबर 2024 को किया गया था. राज्य Government ने होसुर में भी एक नए टाइडल पार्क की घोषणा की है, जिसे लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से पांच लाख वर्ग फुट क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा. इस परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है.

Government के अनुसार, प्रत्येक बड़े टाइडल प्रोजेक्ट से लगभग 6,000 आईटी और आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज (आईटीईएस) नौकरियां पैदा होने का अनुमान है. ये सभी परियोजनाएं मिलकर तमिलनाडु के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती देने, क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा देने और राज्य को तकनीकी निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

डीएससी

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