
आइजोल, 3 फरवरी . मिजोरम के Chief Minister लालदुहोमा ने Tuesday को कहा कि राज्य Government ने जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के उन्नयन के जरिए पूरे राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना को काफी मजबूत किया है, जिससे लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकें.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत 280 करोड़ रुपये की लागत से संचालित मिजोरम हेल्थ सिस्टम्स स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट (एमएचएसएसपी) के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय ‘नॉलेज एक्सचेंज हेल्थ कॉन्क्लेव’ का उद्घाटन करते हुए Chief Minister ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र Government की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है और सेवा वितरण व प्रणाली की दक्षता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं.
आइजोल के फॉकलैंड पार्क में आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश के नौ राज्यों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.
Chief Minister ने कहा कि मिजोरम Government अपने नागरिकों के स्वास्थ्य को राज्य के समग्र विकास की बुनियाद मानती है और इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है.
उन्होंने बताया कि राज्य में मिजोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम (एमयूएचसीएस) लागू की गई है, जिसे देश की सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य योजनाओं में से एक माना जा रहा है. इस योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है.
Chief Minister ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद की गई है और स्वास्थ्य क्षेत्र को और सुदृढ़ करने के लिए कई नई पहलें शुरू की गई हैं.
लालदुहोमा ने कहा कि ये उपलब्धियां मिजोरम हेल्थ सिस्टम्स स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट के कारण संभव हो सकीं और इसके लिए उन्होंने विश्व बैंक और केंद्र Government के सहयोग के प्रति आभार जताया.
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कॉन्क्लेव देशभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ ज्ञान साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा.
उन्होंने कहा, “इस मंथन से बेहतर रणनीतियां, व्यापक समझ और स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूत सहयोग विकसित होगा, जिसका लाभ मिजोरम के साथ-साथ पूरे देश को मिलेगा.”
इस अवसर पर Chief Minister ने एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया.
स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने अपने संबोधन में कहा कि एमएचएसएसपी के माध्यम से नए उपकरणों की खरीद और संसाधनों के प्रभावी उपयोग से चिकित्सा सुविधाओं और स्वास्थ्य केंद्रों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
उन्होंने बताया कि इसके परिणामस्वरूप मिजोरम की स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है.
मिजोरम हेल्थ सिस्टम्स स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्ष 2021 में विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से की गई थी. यह परियोजना पांच वर्षों के लिए लागू की गई है और मार्च 2026 में इसके पूर्ण होने की योजना है.
एमएचएसएसपी की परियोजना निदेशक लिली छाकछुआक ने परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि कुल 280 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में जनवरी 2026 तक पांच में से चार परियोजना विकास उद्देश्यों को हासिल कर लिया गया है, जबकि 16 में से 14 मध्यवर्ती परिणाम संकेतक पूरे हो चुके हैं. शेष लक्ष्यों के मार्च 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना की प्रमुख उपलब्धियों में मार्च 2025 में शुरू की गई मिजोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम शामिल है.
एमयूएचसीएस के तहत 91 प्रतिशत नामांकन लक्ष्य पहले ही हासिल किया जा चुका है. इस उपलब्धि के लिए जनवरी 2026 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने मिजोरम को “कार्ड सैचुरेशन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन” पुरस्कार से सम्मानित किया.
दो दिवसीय नॉलेज एक्सचेंज हेल्थ कॉन्क्लेव में तेलंगाना, मेघालय, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, Gujarat, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य विशेषज्ञ और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. इसके अलावा गेट्स फाउंडेशन और नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हैं.
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डीएससी