बरनाला, 2 अप्रैल . पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ मुहिम के तहत पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बरनाला के जिला प्रशासनिक परिसर के मीटिंग हॉल में सिविल, पुलिस प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए.
मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि पंजाब की युवाशक्ति को बर्बाद करने वाले नशा तस्करों के लिए अब राज्य में कोई जगह नहीं है.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे के खात्मे और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए यह व्यापक अभियान निरंतर जारी रखा जाए.
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पिछले तीन वर्षों से नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, जबकि पिछली सरकारों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया.”
बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट साझा की. मंत्री ने बताया कि बरनाला जिले की 175 पंचायतों ने नशे के खिलाफ शपथ ली है और जिला प्रशासन नशा छोड़ चुके युवाओं को प्रेरणा स्रोत बनाकर दूसरों को प्रोत्साहित कर रहा है. जिला स्तर पर आयोजित लाइट एंड साउंड शो में करीब 4,000 लोग शामिल हुए. अब गांवों में नुक्कड़ नाटकों के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी.
सौंद ने प्रशासन को हर गांव और शहर में नुक्कड़ नाटक आयोजित करने और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता बोर्ड लगाने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि नशे की दलदल में फंसे लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए व्यापक प्रयास किए जाएं. साथ ही, सभी जिलों में मंत्रियों को इस अभियान के तहत विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
जिला प्रशासन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, बरनाला ने अभियान के तहत 391 फार्मों की जांच की, जिनमें से 36 पर नियमों के उल्लंघन पाए गए. 3 फार्मों को सील किया गया, 2 के लाइसेंस रद्द किए गए और 1 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई. इसके अलावा, 11 फार्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए.
बरनाला पुलिस ने 277 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनसे 18 किलो पोस्त और करीब 7,500 नशीली गोलियां बरामद की गईं. नशा तस्करी से जुड़े एक घर को भी ध्वस्त किया गया. सौंद ने कहा कि 175 पंचायतों ने नशे के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर पुलिस का साथ देने का वचन दिया है.
मंत्री ने विश्वास जताया कि यदि लोगों का इसी तरह समर्थन मिलता रहा तो पंजाब जल्द ही नशे के खिलाफ इस जंग को जीत लेगा. ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और यह मुहिम राज्य को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है.
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एकेएस/केआर