ड्रोन और ड्रोन सामग्री के लिए अगले 3 वर्षों में 120 करोड़ रु का प्रोत्साहन दिया जाएगा: मंत्री सिंधिया – Daily Kiran
Saturday , 23 October 2021

ड्रोन और ड्रोन सामग्री के लिए अगले 3 वर्षों में 120 करोड़ रु का प्रोत्साहन दिया जाएगा: मंत्री सिंधिया

नई दिल्ली (New Delhi) . एक आत्मनिर्भर भारत के हमारे सामूहिक दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार (Central Government)ने 15 सितंबर को ड्रोन और इससे जुड़े उत्पादों के लिए उत्पादन-संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दी है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम.सिंधिया ने पीएलआई योजना की महत्वपूर्ण विशेषताओं से मीडिया (Media) को अवगत कराया. उन्होंने कहा कि पीएलआई योजना के तहत 120करोड़ रु अगले 3 साल में दिए जाएंगे. यह राशि मेन्युफेक्चरिंग ड्रोन क्षेत्र के संयुक्त आकार का 1.5 गुना (guna) है. तीन साल की अवधि में, मेन्युफेक्चरिंग क्षेत्र के ड्रोन के लिए 5,000करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश किया जाएगा, जो बदले में 900 करोड़ रु का कारोबार लाएगाऔर 10,000रोजगार के अवसर पैदा होंगे. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य 2030 तक भारत को एक वैश्विक ड्रोन हब के रूप में स्थापित करना है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय उपरोक्त लक्ष्य को प्राप्त करने में उद्योग, सर्विस डिलिवरी और उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है.

– ड्रोन के लिए पीएलआई योजना, 2021की 15विशेषताएं-
1. ड्रोन और ड्रोन संबंधी सामग्री के लिए पीएलआई योजना के तहत तीन वित्‍त वर्ष के लिए आवंटित कुल राशि 120करोड़ रुपये है. यह राशि वित्त वर्ष 2020-21में सभी घरेलू ड्रोन निर्माताओं के संयुक्त कारोबार का लगभग दोगुना (guna) है.
2. ड्रोन और ड्रोन घटकों के निर्माता के लिए प्रोत्साहन उसके द्वारा किए गए मूल्यवर्धन के 20प्रतिशत जितना अधिक होगा.
3. मूल्यवर्धन की गणना ड्रोन और ड्रोन घटकों से वार्षिक बिक्री राजस्व (शुद्ध जीएसटी) घटाकर ड्रोन और ड्रोन घटकों की खरीद लागत (शुद्ध जीएसटी) के रूप में की जाएगी.
4. सरकार, सभी तीन वर्षों के लिए पीएलआई दर को 20प्रतिशत पर स्थिर रखने के लिए सहमत हो गई है, केवल ड्रोन उद्योग के लिए एक असाधारण छूट दी गई है. अन्य क्षेत्रों के लिए पीएलआई योजनाओं में, पीएलआई दर हर साल कम हो जाती है.
5. पीएलआई योजना का प्रस्तावित कार्यकाल तीन साल का है जो वित्त वर्ष 2021-22में शुरू होने वाला है. उद्योग के परामर्श से इसके प्रभाव का अध्ययन करने के बाद पीएलआई योजना को बढ़ाया या फिर से तैयार किया जाएगा.
6. सरकार ड्रोन उद्योग को 50प्रतिशत के बजाय ड्रोन और ड्रोन घटकों के लिए शुद्ध बिक्री के 40प्रतिशत पर न्यूनतम मूल्यवर्धन मानदंड तय करने पर सहमत हुई है जो इस उद्योग के लिए एक और असाधारण छूट है. इससे लाभार्थियों की संख्या में इजाफा होगा.

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