Thursday , 29 July 2021

प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए केवल 10 रुपये में LED BLUB उपलब्ध होंगे: मंत्री आर.के.सिंह


नई दिल्ली (New Delhi) . केंद्रीय विद्युत (स्वतंत्र प्रभार), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री आर के सिंह ने बिहार (Bihar) के आरा में आयोजित एक वर्चुअल समारोह में ग्राम उजाला कार्यक्रम की शुरुआत की. विद्युत मंत्री ने कहा,“अभी भी हमारी ग्रामीण आबादी छूट वाली सस्ती एलईडी का खर्च उठाने में असमर्थ है.

हमने अब ग्राम उजाला- ग्रामीण भारत के लिए अनुकूल कार्यक्रम, जोविशिष्ट और अभिनव रूप से कार्बन वित्त पर आधारित है, को बनाया है.कार्यशील पुराने तापदीप्त बल्बों के बदले प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए केवल 10 रुपये में एलईडी उपलब्ध होंगे. प्रत्येक परिवार को अधिकतमपांच एलईडी बल्बमिलेंगें. विद्युत मंत्री ने कहा कि ग्राम उजाला कार्यक्रम काभारत की जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम कीकार्रवाई पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा. अगर भारत में सभी 30 करोड़ बल्बों को बदल दिया जाए तो प्रत्येक साल 40,743 मिलियन किलोवाट ऊर्जा की बचत होगी.

वहीं 22,743 मेगावाट/वर्ष की चरम मांग से बचा जा सकेगा और प्रति वर्ष 370 लाख टनकार्बन डाईऑक्साइडकी कटौती हो पाएगी. विद्युत मंत्रालय के सचिव आलोक कुमार ने कहा कि यह कार्बन क्रेडिटों का उपयोग करने से संबंधित एक अभिनव मॉडल पर आधारित एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहल है. ग्राम उजाला न केवल ऊर्जा दक्षता को बढ़ाकर जलवायु परिवर्तन के खिलाफ हमारी लड़ाई को एक गति देगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के लिए जीवन के बेहतर मानक,वित्तीय बचत और बेहतर सुरक्षा भी लाएगा. इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण उपभोक्ताओं को कार्यशील तापदीप्त बल्ब जमा करने के बदले 3 साल की वारंटी के साथ 7 वाट और 12 वाट के एलईडी बल्ब दिए जाएंगे. ग्राम उजाला कार्यक्रम को केवल पांच जिलों के गांवों में लागू किया जाएगा और एक उपभोक्ता तापदीप्त बल्बों को बदलकरअधिकतम 5 एलईडी बल्ब प्राप्त कर सकते हैं.

इन ग्रामीण परिवारों को अपने उपयोग का हिसाब रखने के लिए घरों में मीटर भी लगवाने होंगे. इसके अलावाकार्बन क्रेडिट प्रलेखन को शाइन कार्यक्रम की गतिविधियों में शामिल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के मान्यता प्राप्त सत्यापनकर्ताओं को भेजा जाएगा.शाइन कार्यक्रम की गतिविधियों के तहतस्वैच्छिक कार्बन मानक संबंधितसत्यापन के लिए खरीदारों की जरूरतों के आधार पर एक विकल्प के साथकार्बन क्रेडिटों को तैयार किया जाएगा. वहींबाजार के साथ प्रारंभिक विचार-विमर्श पर आधारित एक खुली प्रक्रिया के माध्यम से भी कार्बन क्रेडिट खरीदारों को मांगा जाएगा.एलईडी लागत पर शेष लागत और मार्जिन को प्राप्त कार्बन क्रेडिट के माध्यम से पुन: प्राप्त किया जाएगा.

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