कलपक्कम रिएक्टर के क्रिटिकैलिटी हासिल करने पर मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री का जताया आभार

New Delhi, 7 अप्रैल . तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल करने पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने Prime Minister Narendra Modi के निरंतर संरक्षण और समर्थन के लिए आभार जताया है.

मंत्री ने social media एक्स पर लिखा, “कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर द्वारा क्रिटिकैलिटी प्राप्त करना India की परमाणु यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसकी शुरुआत संस्थापक पिता होमी भाभा के एक भव्य सपने से हुई थी. यह आत्मनिर्भरता के साथ ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त करने के प्रयास में संपूर्ण परमाणु समुदाय के अथक समर्पण और प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है.”

इसके पहले Monday देर रात Prime Minister Narendra Modi ने एक्स पर लिखा था, “आज India ने नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और अपने परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण को आगे बढ़ाया है. कल्पक्कम में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी प्राप्त कर ली है. यह उन्नत रिएक्टर, जो खपत से अधिक ईंधन उत्पादन करने में सक्षम है, हमारी वैज्ञानिक क्षमता की गहराई और इंजीनियरिंग कौशल की शक्ति को दर्शाता है. यह कार्यक्रम के तीसरे चरण में हमारे विशाल थोरियम भंडार का दोहन करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है. India के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण है. हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को हार्दिक बधाई.”

गौरतलब है कि तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित 500 मेगावाट विद्युत क्षमता वाला फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाता है. यह India की दीर्घकालिक परमाणु रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. पूर्णतः चालू होने पर India रूस के बाद व्यावसायिक फास्ट ब्रीडर रिएक्टर वाला दूसरा देश बन जाएगा. क्रिटिकैलिटी वह अवस्था है जब कोई परमाणु रिएक्टर स्व-संचालित शृंखला अभिक्रिया प्राप्त कर लेता है. यह पूर्ण विद्युत उत्पादन से पहले का महत्वपूर्ण चरण होता है, जो दर्शाता है कि रिएक्टर का कोर निर्धारित डिजाइन के अनुसार कार्य कर रहा है.

ओपी/वीसी

Leave a Comment