मिडिल ईस्ट संकट: ‘मजबूर’ पाकिस्तान ने लिया ‘कठिन फैसला’, मंत्री-सांसदों के विदेशी दौरे रद्द और दो हफ्ते के लिए किए स्कूल बंद

इस्लामाबाद, 10 मार्च . अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ जारी संघर्ष के कारण पैदा हुए वैश्विक तेल संकट का असर अब Pakistan की अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है.

प्रमुख दैनिक डॉन के अनुसार, भविष्य की परेशानियों को देखते हुए Pakistan के Prime Minister शहबाज शरीफ ने देश में सख्त मितव्ययिता (ऑस्टेरिटी) उपायों की घोषणा की है और कहा है कि ईंधन की कीमतों से जुड़ा “कठिन फैसला” लेना मजबूरी बन गया है.

इसका असर हर आमो-खास पर पड़ना तय है. जहां मंत्रियों और सलाहकारों के विदेश दौरों को रोक दिया गया है, वहीं मंत्री दो महीने तक वेतन नहीं लेंगे और सांसदों की सैलरी में भी 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी.

Pakistan में अब दो महीने तक Governmentी गाड़ियों को 50 फीसदी कम ईंधन मिलेगा. 60 फीसदी Governmentी वाहन नहीं चलेंगे. सभी Governmentी विभाग अपने खर्च में 20 फीसदी की कटौती करेंगे.

Prime Minister ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार Pakistan के नियंत्रण में नहीं है और वैश्विक हालात के कारण ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि मौजूदा संकट के समय संयम बरतें और Government के कदमों में सहयोग करें.

Government द्वारा घोषित प्रमुख कदमों में सार्वजनिक और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या आधी करने का फैसला शामिल है. कर्मचारियों का एक हिस्सा घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करेगा ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके. हालांकि यह नियम बैंक, अस्पताल, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों जैसी आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा.

ऊर्जा संकट को देखते हुए देशभर में सभी स्कूलों और कॉलेजों को दो सप्ताह के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है. उच्च शिक्षा संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे इस अवधि के दौरान अपनी कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करें ताकि शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बाधित न हों.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र Government ने ईंधन भंडार और राष्ट्रीय तैयारियों की समीक्षा के लिए एक विशेष कैबिनेट समिति की बैठक भी की. इस बैठक में तेल की उपलब्धता, आपूर्ति श्रृंखला और संभावित आपात स्थितियों से निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई.

संघीय Government के अलावा Pakistan के कई प्रांतों ने भी अपने स्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की Governmentों ने ऊर्जा बचत और प्रशासनिक प्रबंधन से जुड़े कई उपायों की घोषणा की है. वहीं सिंध की कैबिनेट इस मुद्दे पर विचार के लिए बैठक करने वाली है.

Government का कहना है कि यदि वैश्विक हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहते हैं तो देश में ऊर्जा बचत और आर्थिक प्रबंधन से जुड़े और भी कदम उठाए जा सकते हैं.

केआर/

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