Wednesday , 16 June 2021

मूलभूत सुविधाओं के साथ बेहतर पर्यटन स्थल बन रहा मथुरा: श्रीकांत शर्मा

मथुरा (Mathura) . बिजली की सतत आपूर्ति मीठा पेय जल, अच्छी सड़कें, जल भराव से मुक्ति, सफाई के द्वारा रैंकिग बढ़ाने का प्रयास, कुज गलियों के सौदर्यीकरण, ट्रैफिक जाम से मुक्ति, जवाहर बाग की कायापलट, आदि ऐसे कार्य हैं जिनसे मथुरा (Mathura) की तस्वीर भी बदलेगी, जिससे भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा (Mathura) में पर्यटक आकर्षित होंगे. सभी कार्यों के पूरे होने पर आगरा (Agra) जानेवाले पर्यटक मथुरा (Mathura) की उपेक्षा न कर सकेंगे.

यह जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मथुरा (Mathura) में बिजली के लिए 1.65 करोड़ रूपए के 13 नये सबस्टेशन तथा 32 सबस्टेशन की क्षमता वृद्धि, 7334 नये ट्रांसफार्मर,236 किलोमीटर की अन्डरग्राउन्ड केबलिंग कराते हुए अब ट्रिपिंग से निजात दिलाने के लिए ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के स्टेशनों को जोड़ा जा रहा है. वैसे जिले में एक लाख 38 हजार घरों को बिजली के कनेक्शन दिये जा चुके हैं. ऊर्जा मंत्री ने बताया कि दूसरी मूलभूत सुविधा मीठे पानी की है. सन 2019 से 25 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति का लाभ 2 दशमलव 40 लाख आबादी को मिल रहा है. वर्ष 2021 तक 176 किलोमीटर की लाइन पहले फेज में डल रही है. 82 किलोमीटर का काम पूरा कर 11,238 कनेक्शन दिए गए हैं. इस वर्ष 47 करोड़ की लागत से 94 किलोमीटर और लाइन बिछाई जाएगी. उन्होंने बताया कि हर घर को नल से जोडऩे का व्यापक अभियान चल रहा है जिसका लाभ यहां आनेवाले पर्यटकों को भी मिलेगा.

उन्होंने बताया कि यमुना जल को आचमन के लायक बनाने के लिए मथुरा (Mathura) और वृन्दावन में यमुना में गिरने वाले 35 गंदे नालों की टैपिंग इस साल पूरी हो जाएगी. मथुरा (Mathura) के 20 नालों की टैपिंग का लाभ जून 2021 से मिलने लगेगा. वृन्दावन के 12 में से 11 नालों की टैपिंग पूरी हो गई है. गंदे पानी के शोधन के लिए 480 करोड़ की लागत से मसानी एसटीपी और ट्रांस यमुना टीटीआरओ प्लांट की 50 एमएलडी क्षमता बढ़ाई जा रही है. यह कार्य जून तक पूरा हो जाएगा. इसके अलावा यमुना शुद्धिकरण के लिए 3 करोड़ 35 लाख की लागत से वृन्दावन में मोक्ष धाम भी बनकर तैयार हो गया है. साधु समाधि, गौ समाधि की जगह निर्धारित की गई है. इनकी फेंसिंग, सोलर लाइट, बाउंड्रीवॉल और पहुंच मार्ग का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा. शर्मा ने बताया कि जलभराव से मुक्ति के लिए बड़े नालों और नालियों का काम चल रहा है. 179 करोड़ रुपये की लागत से 130 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा रही इसमें 82 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है. शेष कार्य जून तक पूरा हो जाएगा. 450 कच्ची कॉलोनियों को भी चरणबद्ध तरीके से पक्की सड़क और सीवर से जोड़ा जा रहा है. ट्रैफिक की समस्या से प्रमुख बाजारों को निजात दिलाने के लिए 24 करोड़ रुपये की लागत से जुबली पार्क में मल्टीलेवल पाकिंर्ग और ओपन थिएटर का लाभ शीघ्र ही जनता को मिलने जा रहा है. पाकिंर्ग में जहां 325 वाहनों की पाकिंर्ग की व्यवस्था है वहीं ओपन थिएटर में 2000 लोगों के बैठने की सुविधा है. इन सुविधाओं का लाभ 250 स्ट्रीट वेंडर्स को भी मिलेगा.

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जवाहर बाग अब बच्चों व परिवारों की पसंदीदा जगह बन गया है. 16 करोड़ की लागत से इस 153 एकड़ पार्क का सौंदर्यीकरण किया गया है. इस वर्ष शहर में 150 अन्य पार्क भी तैयार हो जाएंगे. इससे नागरिकों को स्वच्छ हवा की आपूर्ति हो सकेगी. शर्मा ने कहा कि पहली बार वृन्दावन में आयोजित हुए इतने भव्य और दिव्य कुम्भ के लिए निर्धारित व आसपास के 150 एकड़ स्थान को अतिक्रमण मुक्त रखकर भविष्य के लिए संरक्षित किये जाने के आदेश दिए गये हैं. इस वर्ष 177.81 करोड़ की लागत से यमुना घाटों के विस्तार, नवीनीकरण व सौंदर्यीकरण के कार्य भी होने हैं. देवरहा बाबा की समाधि की सुरक्षा के साथ ही वृन्दावन की बाढ़ से सुरक्षा पर तीन करोड़ खर्च किये जाएंगे.पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में मथुरा (Mathura) -वृन्दावन की रैंकिंग 428 से बढ़कर 39 हुई है. संसाधन बढ़ाने के लिए जिला अस्पताल को 1 करोड़ रुपये की राशि विधायक निधि से दी गई है जिससे वहां पर एक सुपर स्पेशिलिटी वार्ड भी बन गया है. उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत छटीकरा से प्रेम मंदिर तक सौंदर्यीकरण का कार्य 25 करोड़ 71 लाख की लागत से करने का प्रस्ताव तैयार हो गया है.

38 करोड़ रुपये की लागत से प्रो पुअर पर्यटन योजना के तहत बांके बिहारी मंदिर की 22 कुंज गलियों व कृष्ण जन्मस्थान के मार्गों का विकास पूरा होने को है. 23 अन्य कुंज गलियों के विकास पर भी कार्य जल्दी ही शुरू किया जाएगा. 23.5 करोड़ रुपये की लागत से कृष्ण जन्मभूमि में चल रहा रास लीला मंच, कृष्ण लीला के डिजिटल मंचन, पाकर्, प्रमुख मार्ग का निर्माण भी इस वर्ष पूरा हो जाएगा. शर्मा ने कहा कि प्राथमिक स्कूल में बच्चों को शुद्ध पेयजल देने व बीमारियों से रक्षा के लिए आर ओ प्लांट लगाए गए हैं. 3 करोड़ 6 लाख रुपये की लागत से लगे 109 आर ओ प्लांट से 162 स्कूल के अलावा स्पोट्र्स स्टेडियम, कॉलेज, कन्या इंटर कॉलेज को शुद्ध जल मिल रहा है. 94 लाख रुपये से 85 स्कूलों को डेस्क व बेंच भी दी गई हैं.

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