Thursday , 24 June 2021

कोरोना से बचने की मास्क रामबाण दवा

भोपाल (Bhopal) . कोरोना संक्रमण को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि मास्क लगाकर रखना, अभी भी कोरोना से बचे रहने की रामबाण दवा है. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होनी चाहिए. यह कोरोना के साथ-साथ दूसरी बीमारियों से भी लड़ने में मदद करती है. नियमित हाथ धोते रहना चाहिए. भोजन समय पर और नियमानुसार लेते रहना चाहिए.

तीन परत वाले सर्जिकल मास्क पहन सकते हैं या घर में साफ कपड़े से तीन परत वाला मास्क बना सकते हैं. सर्जिकल मास्क को एक बार उपयोग करने के बाद जला दें या जमीन में दवा दें. इसे आठ घंटे तक लगा सकते हैं. मास्क के ऊपर हाथ न लगाएं. ऐसा करने पर मास्क की सतह पर चिपके वायरस हाथ में लग जाते हैं, जो मास्क निकालने के बाद संक्रमण की वजह बनते हैं. सर्जिकल मास्क गीला होने पर बचाव नहीं करता. कई लोग मास्क लगाने के बाद उसे नाक से नीचे कर लेते हैं, जिससे बचाव नहीं हो पाता. मास्क लगाने के बाद उसे अच्छी तरह से लॉक कर लें. कपड़े का मास्क रोज धोकर और सैनिटाइज कर पहन सकते हैं. मास्क के उपयोग के अलावा दूसरों से दो गज (छह फीट) की दूरी रखें. सार्वजनिक जगहों पर किसी भी सतह को छूने से बचें. हाथ न मिलाएं, न ही गले मिलें. बाहर की कोई चीज छूते हैं तो हाथ को साबुन से कम से कम 40 सेकंड तक धोएं. हाथ धोने की सुविधा न हो तो 60 फीसद से ज्यादा एल्कोहल वाला सैनिटाइजर (Sanitizer) उपयोग करें.

इस बारे में निदेशक एम्स भोपाल (Bhopal) (प्रो. (डॉ.) सरमन सिंह का कहना है ‎कि कोरोना से बचने के लिए तीन बातों को नियमित रूप से अमल में लाएं. एक दूसरे से सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाकर रखें. हाथों को धोते रहें. जरूरी न हो तो भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें. पात्रता रखने वाले नागरिक कोरोना वैक्सीन लगाएं. उधर कोरोना के आयुर्वेदिक उपचार में कुछ दिनों तक ठंडा पानी न पीएं. नमक-हल्दी का गारगिल करें. मुलेठी का काढ़ा पीएं. नियमित रूप से योग करें, हल्दी-त्रिफला के पानी का भी गारगिल कर सकते हैं. जरूरत के हिसाब से दो से तीन बार करें.अधिक कफ बढ़ाने वाली चीजें खाने से बचें. मुंह, नाक व आखों का ख्याल रखें.गर्मी में तरल पदार्थ अधिक लें, एक बार में ज्यादा न खाएं. मूंग की दाल लें. मरिच, पिप्पली, शुण्ठी, हरीतकी, गिलोय, कालमेघ और मुलेठी को 200 ग्राम पानी में उबालकर सुबह-शाम 10 दिन तक काढ़ा लेना होता है. श्वास संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं तो अतिरिक्त सावधनी बरतें. नियमित रूप से डॉक्टरों (Doctors) की सलाह लेते रहें. मर्जी से दवाइयां न लें. घर में रहे तो मास्क का उपयोग न करें. सर्दी, जुकाम, एलर्जी से बचने की कोशिश करें. खानपान नियमित और अच्छा रखें. सुबह जल्दी सैर पर ना जाएं, धूप आने के बाद ही सैर करें. प्रदूषण और कोरोना से बचने के लिए घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाएं. योग, प्राणायाम और अन्य व्यायाम करें, इससे फेफड़े मजबूत होते हैं.

पीने के लिए गर्म या गुनगुने पानी का ही उपयोग करें. किसी भी प्रकार की तकलीफ बढ़ने की स्थिति में तुरंत चिकित्सक की संपर्क करें.इस बारे में पंडित खुशीलाल शर्मा सरकारी आयुर्वेद कॉलेज, भोपाल (Bhopal) के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला का कहना है ‎कि काढ़े का सेवन अधिक न करें. दिन में एक बार लें. सात से आठ दिन तक नियम ले सकते हैं. उसके बाद अंतराल में लें. कुछ लोग नियमित और दिन में तीन से चार बार काढ़े का सेवन करते हैं. ऐसा बिल्कुल न करें. यह ठीक नहीं है.

 

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