‘बातचीत के जरिए होर्मुज से भारत के कई जहाज निकले’, लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा

New Delhi, 23 मार्च . Prime Minister Narendra Modi ने Monday को Lok Sabha में जानकारी दी कि बीते दिनों होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज India आए हैं. उन्होंने बताया कि Government अलग-अलग देशों के सप्लायर के साथ संपर्क में है. प्रयास यह है कि जहां से संभव हो, वहां से तेल और गैस की सप्लाई होती रहे.

Lok Sabha में Prime Minister Narendra Modi ने कहा, “Government अलग-अलग देशों के सप्लायर के साथ भी संपर्क में है. प्रयास यह है कि जहां से संभव हो, वहां से तेल और गैस की सप्लाई होती रहे. India Government गल्फ और आसपास के शिपिंग रूट्स पर निरंतर नजर बनाए हुए है. हमारा प्रयास है कि तेल हो, गैस हो या फर्टिलाइजर हो, जरूरी सामान से जुड़े जहाज India तक सुरक्षित पहुंचें. हम अपने सभी वैश्विक सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद कर रहे हैं, ताकि हमारे मैरीटाइम कॉरिडोर सुरक्षित रहें.”

उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों के कारण बीते दिनों होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज India आए भी हैं.

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से India के सामने आई परिस्थितियों पर पीएम मोदी ने कहा, “India में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी अनेक जरूरी चीजें होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आती हैं. युद्ध के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का आना-जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है. पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई बहुत ज्यादा प्रभावित न हो, देश के सामान्य परिवारों को परेशानी कम से कम हो, इस पर फोकस रहा है.”

पीएम मोदी ने सदन में जानकारी दी कि देश अपनी जरूरत की 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. उन्होंने कहा कि इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण Government ने एलपीजी के घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है. इसके साथ ही, एलपीजी के देश में उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है. देश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सुचारू रूप से होती रहे, इस पर लगातार काम किया गया है.

उन्होंने कहा, “एनएसडी सिक्योरिटी को लेकर बीते एक दशक में उठाए गए कदम और भी प्रासंगिक हो गए हैं. India ने पिछले 11 वर्षों में अपने ऊर्जा आयात का डायवर्सिफिकेशन किया है. पहले क्रूड ऑयल, एलएनजी और एलपीजी, एनर्जी जरूरतों के लिए 27 देशों से आयात किया जाता था. आज India 41 देशों से ऊर्जा आयात करता है.”

सदन में पीएम मोदी ने कहा कि बीते दशक में संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को भी प्राथमिकता दी है. आज India के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व है. 65 लाख से अधिक मीट्रिक टन के रिजर्व की व्यवस्था पर देश काम कर रहा है. हमारी तेल कंपनियों के पास जो रिजर्व रहता है, वह अलग है. पिछले 11 साल में हमारी रिफाइनिंग कैपेसिटी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.

उन्होंने कहा, “संकट के इस समय में देश की एक और तैयारी भी काम आ रही है. पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्रैंडिंग पर अभूतपूर्व काम हुआ है. एक दशक पहले तक देश में सिर्फ एक-डेढ़ प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग कैपेसिटी थी. आज पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग के करीब पहुंच रहे हैं. इसके कारण प्रति वर्ष करीब 4.5 करोड़ बैरल कम तेल आयात करना पड़ रहा है. ऐसे ही रेलवे के बिजलीकरण से फायदा हो रहा है.”

डीसीएच/

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