Wednesday , 23 June 2021

वित्त वर्ष बदलने के साथ बदल रहे हैं कई अहम नियम

नई दिल्‍ली . 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा है. इसके साथ ही कई नियमों में भी बदलाव होने जा रहा है. बीते वित्त वर्ष में सरकार ने कई सरकारी बैंकों का मर्जर किया है. ऐसे में पुराने बैंकों की चैक बुक बेकार हो जाएंगी. पेंशन फंड मैनेजरों को ग्राहकों से ज्यादा शुल्क लेने की अनुमति मिली है. पीएफ में निवेश पर टैक्स छूट की सीमा भी 1 अप्रैल से लागू हो रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा की थी.

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यदि आपके पास बैंक (Bank) खाता देना बैंक, विजया बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, आंध्रा बैंक, ओरिएंटल बैंक (Bank) ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक (Bank) ऑफ इंडिया और इलाहाबाद बैंक (Bank) में है तो आपकी पासबुक और चेक बुक 1 अप्रैल 2021 से बेकार हो जाएगी. इन सात सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विभिन्न अन्य बैंकों में विलय के कारण यह बदलाव हो रहा है.

देना बैंक (Bank) और विजया बैंक (Bank) को बैंक (Bank) ऑफ बड़ौदा के साथ मिला दिया गया है, ओरिएंटल बैंक (Bank) ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक (Bank) ऑफ इंडिया को पंजाब (Punjab) नेशनल बैंक (Bank) (पीएनबी) के साथ मिला दिया गया है, कॉरपोरेशन बैंक (Bank) और आंध्रा बैंक (Bank) को यूनियन बैंक (Bank) ऑफ इंडिया के साथ मिला दिया गया है.

1 अप्रैल 2021 से, ईपीएफ खाते में किसी के निवेश को आयकर से पूरी तरह छूट नहीं मिलेगी. 1 अप्रैल 2021 से, वित्तीय वर्ष में ईपीएफ में 2.5 लाख रुपये से अधिक के निवेश पर कर लगाया जाएगा. किसी विशेष वर्ष में 2.5 लाख रुपये से अधिक के ईपीएफ निवेश पर एक ईपीएफ ब्याज कर योग्य है.

सरकार ने बजट में 75 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को राहत दी है. बजट में ऐलान हुआ कि 75 साल से ज्यादा उम्र के ऐसे बुजुर्ग जो केवल पेंशन और जमा से होने वाली ब्याज आय पर निर्भर हैं, उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग (ITR) की जरूरत नहीं होगी. भुगतानकर्ता बैंक (Bank) उनकी आय पर आवश्यक टैक्स की कटौती कर लेगा. हालांकि, इस लाभ के लिए जरूरी है कि पेंशन और ब्याज आय एक ही बैंक (Bank) में आएं.

टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने में आसानी हो इसके लिए अब सैलरी इनकम के अलावा दूसरे सोर्स से होने वाली इनकम, जैसे डिविडेंड इनकम, कैपिटल गेन इनकम, बैंक (Bank) डिपॉजिट इंट्रेस्ट इनकम, पोस्ट ऑफिस इंट्रेस्ट इनकम की जानकारी पहले से फिल होगी. अभी तक टैक्सपेयर्स को इसका अलग से कैलकुलेशन करना होता था. इससे कई बार भूल जाने के कारण उसे परेशानी होती थी. अब ये तमाम जानकारी पहले से भरी हुई आएगी.

टीडीएस के लिए आयकर नियम (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) 1 अप्रैल 2021 से बदल जाएगा. अपने बजट भाषण में, सीतारमण ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल नहीं करता है, तो उस स्थिति में, बैंक (Bank) जमा पर टीडीएस दर दोगुनी हो जाएगी. इसका मतलब है, भले ही कोई कमाने वाला व्यक्ति आयकर स्लैब में नहीं आता है, फिर भी उन पर लगाया गया टीडीएस दर दोगुना (guna) हो जाएगा (यदि अर्जित व्यक्ति आईटीआर दाखिल नहीं करता है).

यदि आप पेंशन फंड में निवेश करते हैं तो आपके लिए यह अपडेट जानना जरूरी है. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने पेंशन फंड मैनेजर (PFM) को अपने ग्राहकों को 1 अप्रैल से उच्च शुल्क लेने की अनुमति दी है. इस कदम से इस सेक्टर में अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित किया जा सकता है. पेंशन नियामक ने 2020 में जारी प्रस्तावों (RFP) के लिए एक उच्च शुल्क संरचना का प्रस्ताव किया था. यह PFM के लिए लाइसेंस के एक नए दौर के बाद प्रभावी होना था


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