नई दिल्ली, 19 फरवरी . पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हाल में अपने एक बयान को लेकर विवादों में फंस गई हैं. महाकुंभ पर दिए विवादित बयान की वजह से उनकी चौतरफा आलोचना की जा रही है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का, महाकुंभ ‘मृत्युकुंभ’ में बदल गया है, बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “भारतीय संस्कृति के सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक उत्कृष्टता और वैज्ञानिक प्रामाणिकता के प्रतीक महाकुंभ पर इंडी गठबंधन के नेता लगातार निंदनीय टिप्पणियां कर रहे हैं. ममता बनर्जी द्वारा महाकुंभ को ‘मृत्युकुंभ’ कहना इसी पैटर्न का हिस्सा है. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाकुंभ में स्नान को लेकर भद्दी टिप्पणी की. उसके बाद अखिलेश यादव और लालू प्रसाद यादव ने भी अपमानजनक बयान दिए थे. ये टिप्पणियां इन नेताओं की हिंदू धर्म के प्रति गहरी नफरत और तिरस्कार को दर्शाती है, जो इंडी गठबंधन में लगातार एक विषय रहा है.”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इन लोगों का यह विचार खुद से नहीं आ रहा है, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत आ रहा है. इंडी गठबंधन ने साल 2023 में हिन्दुओं के विनाश के लिए कॉन्फ्रेंस की थी. हिन्दू धर्म पर कई विवादित बयान दिए गए. ममता बनर्जी का बयान उस सोच को दिखाता है, जो इंडी गठबंधन के नेता हिन्दू धर्म को लेकर सोचते हैं. मैं इंडी गठबंधन के लोगों से कहना चाहता हूं कि आप भले ही हिन्दू-सनातन के खिलाफ विष घोलते रहिए. हम लोग उन विचारों को लेकर आगे चलने का काम करते रहेंगे.
उन्होंने कहा कि हमारे भगवान शिव ने तो जगत के कल्याण के लिए अपने कंठ में विष रखा था. मैं करोड़ों हिन्दुओं की ओर से कहना चाहता हूं कि जनता आपके बयानों को देख रही है और यही वजह है कि जनता इन्हें नकार रही है. इंडी गठबंधन भले ही हिन्दुओं के प्रति जहर घोलते रहे. देश का हिन्दू-सनातन देश की प्रगति के लिए अपना योगदान देता रहेगा.
–
डीकेएम/