Monday , 10 May 2021

विश्व भारती यूनिवर्सिटी कैंपस के निकट सड़क का नियंत्रण फिर वापस लेगी ममता सरकार


कोलकाता (Kolkata) . बंगाल का लोक निर्माण विभाग विश्व भारती यूनिवर्सिटी के कैंपस के निकट सड़क का नियंत्रण फिर वापस लेगी. अभी इसका संचालन विश्वविद्यालय प्रबंधन के पास है. 2.9 किलोमीटर लंबी सड़क यूनिवर्सिटी के दो कैंपस निकेतन और शांति निकेतन को जोड़ती है. विश्वविद्यालय प्रबंधन को वर्ष 2017 में इसके परिचालन की जिम्मेदारी दी गई है.

बीरभूम जिले के बोलपुर में एक प्रशासनिक बैठक के दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी ने कहा, स्थानीय लोगों से तमाम शिकायतें मिल रही थीं कि उन्हें सड़क का इस्तेमाल नहीं करने दिया जा रहा है और इससे उन्हें असुविधा हो रही है.सड़क के आस-पास करीब 3 हजार लोग रहते हैं, जिनमें नोबेल विजेता अमर्त्य सेन और पेंटर नंदलाल बोस का घर शामिल है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यूनिवर्सिटी अधिकारियों द्वारा जल्दी-जल्दी सड़क बंद करने से उन्हें दिक्कत होती है और उन्हें लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है. करीब 60 परिवारों ने सितंबर में मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी को पत्र लिखा था और सरकार से सैकड़ों साल पुरानी इस सड़क का परिचालन अपने हाथों में लेने की अपील की थी. लोगों को आशंका है कि यह सड़क पूरी तरह बंद की जा सकती है.

ममता सरकार का यह निर्णय ऐसे वक्त आया है, जब एक आयोजन को लेकर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर बिद्युत चक्रबर्ती के साथ टकराव बढ़ गया है. उन्होंने विश्व भारती यूनिवर्सिटी में अवैध कब्जेदारों की सूची में नाम आने के बाद नोबेल विजेता अमर्त्य सेन का भी समर्थन किया है. ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि विश्वविद्यालय के 100 साल पूरे होने के कार्यक्रम में प्रशासन ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी को आमंत्रित नहीं किया था.

ममता ने यूनिवर्सिटी कैंपस में अमर्त्य सेन को विरासत में मिली संपत्ति को लेकर उनका समर्थन किया है. ममता ने कहा कि कुछ बाहरी आक्रांता ऐसे आधारहीन आरोप लगा रहे हैं. ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी बंगाल के प्रतिष्ठित संस्थानों को नष्ट करने और राज्य के महान नायकों पर हमले करने में जुट गई है. मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी मंगलवार (Tuesday) को बीरभूम में रोडशो करने वाली हैं.

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