Skip to content
Friday, 30 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
संस्कृति,समाज,मानवीय रुचि,राजनीति,राष्ट्रीय

मलयालम कवि और पद्म श्री विजेता पी. नारायण कुरुप का 91 वर्ष की आयु में निधन

मलयालम कवि और पद्म श्री विजेता पी. नारायण कुरुप का 91 वर्ष की आयु में निधन

तिरुवनंतपुरम, 20 जून . पद्म श्री पी. नारायण कुरुप के निधन से मलयालम साहित्य ने अपनी एक खास आवाज खो दी है. 91 वर्षीय नारायण कुरुप कवि, आलोचक, व्यंग्यकार और विद्वान थे, जिन्होंने शास्त्रीय परंपराओं को समकालीन विचारों के साथ मिलाया था. उनका Saturday रात को निधन हो गया.

वह एक ऐसे कवि थे, जिन्होंने सामाजिक बुराइयों, अन्याय और पाखंड के खिलाफ शब्दों को एक शक्तिशाली हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया. कुरुप ने अपनी पैनी नजर, हाजिरजवाबी और साफ-सुथरी शैली से मलयालम कविता में एक खास जगह बनाई.

उन्होंने अपनी रचनाओं में परंपरा और आधुनिकता का मेल बिठाया, और उनकी कविताओं में अक्सर हास्य और आलोचना का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता था.

हरिपद में जन्मे और पले-बढ़े कुरुप का पालन-पोषण संगीत और मंदिर की कलाओं से समृद्ध माहौल में हुआ.

उन्होंने 1956 में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट सर्विस में शामिल होने से पहले एक शिक्षक के तौर पर अपना करियर शुरू किया.

बाद में उन्होंने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय और केरल भाषा संस्थान के साथ संपादक और रिसर्च ऑफिसर के तौर पर काम किया.

दिल्ली में नौकरी के दौरान, उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज, तिरुवनंतपुरम से साइंस और एजुकेशन में डिग्री पूरी करने के बाद इंग्लिश में डिस्टिंक्शन के साथ मास्टर डिग्री हासिल की.

कविता के अलावा, कुरुप ने व्यंग्य, साहित्यिक आलोचना और यात्रा-वृत्तांत लेखन में भी अहम योगदान दिया.

उनकी रचनाओं में समाज और संस्कृति के साथ उनका गहरा जुड़ाव झलकता था.

वे शास्त्रीय कला रूपों, खासकर कथकली और कुडियाट्टम के भी बड़े जानकार और आलोचक थे.

कुरुप ने कला और साहित्य को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई; वे ‘तपस्या’ (कला और साहित्य के लिए मंच) और ‘मार्गी’ (शास्त्रीय कला केंद्र) के चेयरमैन रहे और उनकी गतिविधियों का नेतृत्व किया.

इस कवि को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार और ओडाक्कुझल पुरस्कार शामिल हैं.

उन्हें जनवरी 2022 में India के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान, पद्म श्री से सम्मानित किया गया.

Chief Minister वी.डी. सतीसन ने कुरुप को एक ऐसी साहित्यिक हस्ती बताया जिन्होंने कविता और आलोचना के जरिए मलयालम में अभिव्यक्ति का एक नया रूप गढ़ा, जबकि विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने कविता, साहित्य, थिएटर, संगीत और दर्शन में उनके योगदान को याद किया.

कुरुप के परिवार में उनकी पत्नी विजयालक्ष्मी और बच्चे डॉ. वृंदा जयकुमार, विजू नारायण और विवेक नारायण हैं.

–

एससीएच/डीएससी

Share