
Patna, 9 जून . बिहार Government ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक एवं विभागीय कार्रवाई को मंजूरी दी है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने Tuesday को इस संबंध में आदेश जारी किया.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, कर्तव्यहीनता और Governmentी निर्देशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सबसे कड़ी कार्रवाई समस्तीपुर में प्रभारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी रहीं अंजली कुमारी आनंद के खिलाफ की गई है. जुलाई 2021 से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और विभागीय कार्यवाही में सहयोग नहीं करने के कारण उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है.
विभागीय आदेश के मुताबिक, छपरा सदर की अंचल अधिकारी कुमारी आंचल, अस्थावां के अंचल अधिकारी रविन्द्र कुमार चौपाल तथा पश्चिम चंपारण के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार को निन्दन दंड दिया गया है. वहीं, बोधगया के तत्कालीन अंचल अधिकारी अविनाश कुमार की एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक दी गई है. मधेपुर की अंचल अधिकारी कौशिका कुमारी को चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा मोकामा के तत्कालीन अंचल अधिकारी ज्ञानीन्द्र, हथुआ के अंचल अधिकारी नारायण राजा और गया के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी संजीव कुमार के खिलाफ आरोप पत्र गठित किए गए हैं. गया सदर के राजस्व अधिकारी राम कुमार रमन के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया है.
मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राजस्व विभाग आम लोगों से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना Government की प्राथमिकता है. जनता के हितों से जुड़े मामलों में लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
उल्लेखनीय है कि इससे पहले विभाग 32 अंचल अधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है. हाल ही में राजस्व अधिकारी सोनी कुमारी के विरुद्ध भी सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई थी.ताजा कार्रवाई के बाद विभागीय कार्रवाई का सामना करने वाले अधिकारियों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है.
विभाग के मुताबिक, दाखिल-खारिज, जमाबंदी, Governmentी भूमि संरक्षण, भू-अभिलेख, भू-हदबंदी और सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों की लगातार समीक्षा की जा रही है. जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.
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एमएनपी/एएसएच