इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद, राखी सावंत को महाराष्ट्र साइबर सेल ने किया तलब

मुंबई, 27 फरवरी . इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद में फंसी राखी सावंत को महाराष्ट्र साइबर सेल ने तलब किया है. पुलिस उनसे इस मामले के संबंध में पूछताछ कर सकती है. राखी ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो में जज बनकर जा चुकी हैं. उनके शॉर्ट वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे.

महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा समन भेजे जाने पर राखी सावंत ने अपनी सफाई में एक वीडियो भी जारी किया था. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उन्होंने कहा, “मुझे समन भेजने का मतलब नहीं है दोस्तों. आप मुझे वीडियो कॉल करें, मैं आपके सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हूं. मैं एक आर्टिस्ट हूं. मुझे पैसे देकर इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था और मैंने इंटरव्यू दिया है बस. मैंने तो किसी को गालियां भी नहीं दी. मुझे समन भेजने का मतलब नहीं है.”

ड्रामा क्वीन ने खुद को भिखारिन तक कह दिया था. बोलीं, “मैं तो भिखारिन हूं, मेरे पास एक रुपये भी नहीं है कि आपको दे सकूं. मैं तो दुबई में रहती हूं. मेरे पास तो कोई काम भी नहीं है. मैं तो पैसा भी नहीं दे सकती आपको. मुझे बुलाकर क्या करोगे, कोई फायदा नहीं है. मैं अनुरोध कर रही हूं. मैंने कोई गुनाह नहीं किया. मैं तो व्हाइट कॉलर हूं.”

जानकारी के अनुसार, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ को लेकर चल रहे विवाद के आरोपी रणवीर इलाहाबादिया, अपूर्वा मुखीजा और समय रैना महाराष्ट्र साइबर के संपर्क में हैं. इनका 28 फरवरी को बयान दर्ज किया जाएगा. वे अपना बयान दर्ज कराने के लिए महाराष्ट्र साइबर कार्यालय जाएंगे. ये सभी अधिकारियों द्वारा दिए गए वक्त पर पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराएंगे.

ज्ञात हो कि ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो में यूट्यूबर-पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया की अश्लील टिप्पणी के बाद समय रैना ने शो के सभी एपिसोड यूट्यूब से हटा दिए थे. सुप्रीम कोर्ट ने पॉडकास्टर और उसके सहयोगियों को अगले नोटिस तक यूट्यूब या अन्य प्लेटफॉर्म पर कोई भी शो प्रसारित करने से मना कर दिया था.

बीते दिनों समय रैना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, “जो कुछ भी हो रहा है, उसे संभालना मेरे लिए बहुत मुश्किल है. मैंने अपने चैनल से ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के सभी वीडियो हटा दिए हैं. मेरा एकमात्र उद्देश्य लोगों को हंसाना और अच्छा समय बिताना था. मैं सभी एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करूंगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनकी जांच निष्पक्ष रूप से पूरी हो.”

एसएचके/केआर