Sunday , 18 April 2021

दिल्ली के मैडम तुषाद संग्रहालय पर लगेगा ताला!

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली का मैडम तुषाद संग्रहालय स्थायी रूप से बंद करने की तैयारी हो रही है. संग्रहालय संचालित करने वाली कंपनी मर्लिन एंटरटेनमेंट्स इंडिया ने नवंबर 2017 में कनॉट प्लेस के रीगल बिल्डिंग में संग्रहालय की शुरुआत की थी. अब सवाल यह उठ रहा है कि मोम का पुतलों का क्या होगा. यहां पीएम मोदी और अमिताभ बच्चन के भी मोम के पुतले रखे गए हैं. कोरोना की वजह से संग्रहालय मार्च के महीने से ही अस्थायी रूप से बंद पड़ा है. मर्लिन एंटरटेनमेंट्स इंडिया के महाप्रबंधक और निदेशक अंशुल जैन ने कहा कि संग्रहालय को बंद करने को लेकर हम भवन मालिक के साथ समझौते के अंतिम रूप में पहुंच गए हैं. कंपनी ने संग्रहालय को बंद करने का फैसला आर्थिक तंगी की वजह से लिया है. दिल्ली के गर्म मौसम की वजह से कंपनी को संग्रहालय में लगाए गए मोम के पुतलों को पिघलने से बचाने के लिए अतिरिक्त धन खर्च करना पड़ता था.

कंपनी के निदेशक अंशुल जैन का कहना है कि भारत में मैडम तुसाद संग्रहालय की लोकप्रियता कायम है. भारत के अन्य शहरों में इस संग्रहालय का विकल्प तलाशा जा रहा है. वर्ष 1835 में मोम शिल्पकार मेरी तुसाद की तरफ से लंदन में स्थापित मैडम तुसाद संग्रहालय की एक शाखा नवंबर 2017 में दिल्ली में शुरू की गई थी. जिसे 1 दिसंबर से लोगों के लिए खोला गया था. यह पूरा संग्रहालय 4 हिस्सों में बंटा था, जिसके 1 हिस्से में बॉलीवुड (Bollywood) और हॉलीवुड सितारों की मोम की प्रतिमा थी.

वही दूसरे हिस्से में संगीत, तीसरे हिस्से में इतिहास के नायकों एवं नेताओं की मोम की प्रतिमा और चौथे हिस्से मे खिलाड़ियों की प्रतिमाएं थीं. संग्रहालय में मेरी कॉम, रोनाल्डो क्रिस्टियानो, लेडी गागा, माइकल जैक्सन, अमिताभ बच्चन और कैटरीना कैफ के साथ ही पीएम मोदी की मोम की प्रतिमा भी स्थापित की गई थी. संग्रहालय में सितारों की प्रतिमाओं के साथ सेल्फी की सुविधा ने लोगों को आकर्षित किया था.

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