Sunday , 11 April 2021

नाबालिग के साथ लिव इन में रहना समाजिक नियमों के खिलाफ

चंडीगढ़ (Chandigarh) . पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) हाईकोर्ट ने हरियाणा (Haryana) स्थित सोनीपत-पानीपत से जुड़े एक मामले में कहा है कि नाबालिग के साथ लिव इन में रहना अनैतिकता है. दरअसल, लिव इन में रहने वाले प्रेमी ने अपनी नाबालिग प्रेमिका की कस्टडी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की. जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. इतना ही नहीं हाईकोर्ट के आदेश पर प्रेमिका को सोनीपत स्थित एक सेफहोम भेजा गया.

अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि नाबालिग के साथ लिव इन में रहना ना केवल अनैतिक है बल्कि यह कानूनी रूप से भी गलत है. साथ ही यह सामाजिक नियमों के खिलाफ है. याचिका में प्रेमी जोड़े ने लड़की के घर वालों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि लड़की की उम्र साढ़े 17 वर्ष है. ऐसे में अदालत ने याचिका खारिज कर लड़की को सेफ होम भेज दिया. इसके बाद फिर प्रेमी ने एक याचिका दाखिल कर प्रेमिका के कस्टडी की मांग की थी. अदालत ने कहा कि प्रेमी पर पानीपत के समालखा में नाबालिग के अपहरण का मामला दर्ज है. अपहरण के आरोपी को कस्टडी कैसे दे सकते हैं. अदालत ने कहा अगर लड़की की मां या उसके पिता, कस्टडी की मांग करते हैं तो इलाका मजिस्ट्रेट के पास याचिका दाखिल करें जिसके बाद उस पर विचार किया जाएगा.

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