अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और अदाणी फाउंडेशन के ‘उत्‍थान प्रोजेक्‍ट’ से 25 हजार से ज्‍यादा बच्‍चों की बदली जिंदगी

मुंबई, 8 मार्च . अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और अदाणी फाउंडेशन ने मुंबई में अपना ‘तीसरा वार्षिक उत्थान उत्सव’ मनाया. यह कंपनी के ‘उत्थान’ सीएसआर प्रोजेक्ट का हिस्‍सा है, जो पढ़ाई में बच्चों की मदद करता है.

इसमें सरकारी प्राथमिक स्कूलों को अपनाया जाता है, ‘विद्यार्थियों’ को ट्यूशन दी जाती है, स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को वापस लाने की कोशिश की जाती है और टीचर्स को बेहतर बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है. यहां तक कि माता-पिता को भी बच्चों की पढ़ाई में मदद करने के लिए सिखाया जाता है.

‘उत्थान’ के तहत अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और अदाणी फाउंडेशन ने मलाड, दहिसर, बोरीवली, चेंबूर और कुर्ला में 83 सरकारी स्कूलों में 25,000 से ज्यादा बच्चों की मदद की है.

इस इवेंट में उत्‍थान प्रोजेक्‍ट की पहल को दिखाने के लिए एक कॉफी टेबल बुक भी लॉन्‍च की गई. इस अवसर पर निगम आयुक्‍त भूषण गगरानी (आईएएस), बीएमसी, अपर आयुक्‍त, बीएमसी, डॉ. अमित सैनी, डॉ. प्राची जांभेकर, उप निगम आयुक्‍त (शिक्षा), बीएमसी, वसंत गाधवी, एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर, अदाणी फाउंडेशन एवं अदाणी इलेक्ट्रिसिटी का वरिष्‍ठ प्रबंधन भी मौजूद था. कार्यक्रम में बीएमसी के शिक्षा अधिकारियों, अदाणी फाउंडेशन के वर‍िष्‍ठ प्रबंधन, छात्रों, शिक्षकों और सहायकों ने पैनल चर्चा में हिस्‍सा लिया.

‘उत्‍थान उत्‍सव’ के दौरान बीएमसी स्कूल के बच्चों ने कई गतिविधियों में भाग लिया. इसमें बच्चों ने भाषण दिए, कहानियां लिखी, चित्र बनाए और बेकार सामानों से सुंदर चीजें बनाईं. शिक्षकों ने नई-नई चीजें सिखाईं, गाने गाए और जमकर डांस किया. वहीं, माता-पिता ने स्वादिष्ट टिफिन बनाए, गाने गाए और रंगोली बनाई. लगभग 1,000 बच्चे, 50 शिक्षक और 60 माता-पिता ने मिलकर खूब मस्ती की.

‘उत्थान’ सीएसआर प्रोजेक्‍ट सितंबर 2021 में शुरू हुआ था. टीम ने काफी विश्‍लेषण करने के बाद बीएमसी के 82 स्कूलों को चुना, जहां बच्चों को पढ़ाई में ज्यादा मदद की जरूरत थी. 28 उत्थान सहायकों ने मिलकर काम किया, ताकि इन स्कूलों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके. इससे उन बच्चों को भी अच्छी पढ़ाई मिल रही है, जो बहुत गरीब इलाकों में रहते हैं.

मुंबई में वार्षिक ‘उत्‍थान उत्‍सव’ में अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के प्रवक्ता ने कहा, “हम उन सभी लोगों की मदद करना चाहते हैं, जिन्हें हम बिजली देते हैं. हमारा ‘उत्थान’ प्रोजेक्ट दिखाता है कि हम बच्चों की पढ़ाई में कितनी मदद करना चाहते हैं, ताकि उनका भविष्य अच्छा हो. हमें बहुत खुशी हैं कि हम हजारों बच्चों की जिंदगी में सकारात्‍मक बदलाव लेकर आए हैं.”

‘उत्थान’ प्रोजेक्ट के तहत बच्चों के गणित में 98 प्रतिशत तक और पढ़ने-लिखने में 90 प्रतिशत से ज्यादा सुधार देखा गया है. 99.31 प्रतिशत बच्चों ने उत्थान योजना को ‘अच्छा’ या ‘बहुत अच्छा’ बताया. 80 से ज्यादा रीडिंग कॉर्नर बनाए गए हैं, जहां अंग्रेजी, हिंदी और मराठी में 12,800 से ज्यादा किताबें उपलब्ध हैं. ‘विजन स्प्रिंग’ कार्यक्रम के जरिए मुफ्त में आंखों की जांच और चश्मे दिए गए हैं, जिससे कई बच्चों की पढ़ाई और जिंदगी में बदलाव आया है.

इसके अलावा, 500 से ज्यादा माताओं को हर महीने होने वाली मदर्स मीट और घर के दौरों के जरिए जोड़ा गया है. ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020’ के अनुसार, शिक्षकों के लिए नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाते हैं. इस प्रोजेक्ट की सफलता का राज है, इसका खास पाठ्यक्रम, पढ़ाई की अच्‍छी सामग्री, स्कूलों को सीखने की जगह बनाना और बच्चों में पढ़ने की आदत डालना.

छात्रा निधि ने कहा, “हम सरकारी स्कूल के बच्चे हैं. अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और अदाणी फाउंडेशन के ‘उत्थान’ प्रोजेक्ट से हमारी पढ़ाई में बहुत बदलाव आया है. इससे हमारे लिए पढ़ना-लिखना आसान और मजेदार हो गया है. नए तरीके से पढ़ाने, एक्टिविटी करने और डिजिटल चीजों से हमें भाषा और गणित जैसे विषयों में ज्यादा आत्मविश्वास मिलता है.”

प्रधानाचार्य जयश्री चव्हाण ने कहा, “इस पहल की वजह से, उन जगहों पर भी अच्छी पढ़ाई हो रही है, जहां ज्यादा जरूरत है. इससे हमारे स्कूल उम्मीद और अवसर की जगह बन गए हैं. हम बहुत खुश हैं कि हमें मदद मिल रही है, जिससे हमारे बच्चों का भविष्य बन रहा है और उन्हें बड़े सपने देखने की हिम्मत मिल रही है.”

अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और अदाणी फाउंडेशन ने बीएमसी के साथ मिलकर 5,541 छात्रों को 20 हजार किताबें दीं. वहीं, 82 सरकारी स्कूलों को लाइब्रेरी की 12,000 किताबें दीं, इससे 25,000 बच्चों को फायदा हुआ.

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