बिहार में धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि बढ़कर 31 मार्च की गई

Patna, 23 फरवरी . बिहार के किसानों की मांग और उनके हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए Government ने धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि का विस्तार कर दिया है. बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने Monday को कहा कि राज्य Government किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा, “धान अधिप्राप्ति की अवधि बढ़ाए जाने से अधिक से अधिक किसानों को अपना धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा. राज्य Government यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पात्र किसान को इसका लाभ मिले.”

बता दें कि 16 फरवरी को बिहार की मंत्री लेशी सिंह India Government के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर “खरीफ विपणन मौसम 2025-26” के तहत बिहार में धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया था.

लेशी सिंह ने बताया कि केंद्र Government ने अनुरोध को स्वीकार करते हुए बिहार में धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि 28 फरवरी से विस्तारित कर 31 मार्च तक करने की स्वीकृति प्रदान की है.

मंत्री सिंह ने इस निर्णय के लिए India Government के प्रति आभार व्यक्त किया तथा अधिकारियों को अधिप्राप्ति प्रक्रिया को सुचारु एवं पारदर्शी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए.

बता दें कि खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अन्तर्गत लक्ष्य 36.85 लाख मीट्रिक टन के विरुद्ध अब तक 6879 समितियों के माध्यम से 4.28 लाख किसानों से 29.22 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई है, जो कि कुल लक्ष्य का 79.30 प्रतिशत है.

बिहार Government द्वारा अब तक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 6400 करोड़ रुपये का भुगतान उनके खाते में किया जा चुका है. बिहार में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान की अधिप्राप्ति पैक्स और व्यापार मंडलों के माध्यम से पिछले साल एक नवंबर से शुरू की गई थी.

किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आवश्यक है, जिसमें रैयत के लिए 250 क्विंटल और गैर-रैयत के लिए 100 क्विंटल की सीमा है.

एमएनपी/एएसएच

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