Saturday , 15 May 2021

शोपियां में आतंकियों से मोर्चा लेते हुए मेरठ का लाल अनिल तोमर शहीद

मेरठ (Meerut) . जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आंतकियों से लोहा लेते वक्त शहीद हुए मेरठ (Meerut) के लाल की खबर जैसे ही घर वालों को मिली घर तथा गांव में फैली तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. शहीद के घर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. मेरठ (Meerut) के मुण्डली गांव सिसौली के रहने वाले चालीस साल के अनिल कुमार तोमर के पिता भोपाल (Bhopal) तोमर ने बताया कि दो दिन पहले शोपियां में आतंकियों से मुठभेड़ में वो घायल हो गए थे. उन्‍हें श्रीनगर (Srinagar) के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन, 28 दिसम्बर को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. आज उनका पार्थिक शरीर उनके गांव आएगा और उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा.

अनिल तोमर भारतीय थलसेना की 44 वीं राष्ट्रीय राइफल्स में बतौर घातक प्लाटून हवलदार के पद पर तैनात थे. अनिल तोमर की मूल यूनिट 23 राजपूत थी और अभी 44 वीं राष्ट्रीय राइफल्स में तैनाती के दौरान अनिल तोमर कमान अधिकारी की क्यूआरटी के कमांडर के तौर पर कार्यरत थे. इस मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने ढेर किया था. आतंकियों के कनीगाम में छिपे होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया था. इस दौरान आतंकियों ने छिपकर सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी थी. काफी देर चली मुठभेड़ में दो आतंकी तो मारे गए थे, लेकिन इस अभियान के दौरान तोमर बुरी तरह जख्मी हो गए थे. तुरंत उनको हेलीकाप्टर से श्रीनगर (Srinagar) स्थित 92 बेस अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली.

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