Sunday , 29 November 2020

डूबने की कगार पर लक्ष्मी विलास बैंक, अब खाताधारक अपने अकाउंट से निकाल सकते हैं केवल 25 हजार रुपए


नई दिल्ली (New Delhi) . केंद्र सरकार (Central Government)(Central Government) ने ‎निजी क्षेत्र के लक्ष्मी विलास बैंक (Bank) पर बुधवार (Wednesday) को कई तरह की रोक लगा दी हैं. अब खाताधारक अपने अकाउंट से केवल 25 हजार रुपए तक निकाल सकते हैं. आरबीआई (Reserve Bank of India) ने बताया कि बैंक (Bank) के हालात पिछले तीन साल से खराब चल रहे थे. इस दौरान बैंक (Bank) को लगातार घाटा हुआ है. बैंक (Bank) को 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में 396.99 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था. इसकी ग्रॉस एनपीए अनुपात 24.45 प्रतिशत था. जानकारी के मुताबिक बैंक (Bank) काफी समय से पूंजी संकट से जूझ रहा था और इसके लिए अच्छे निवेशकों की तलाश की जा रही थी.

आकड़ों के मुताबिक जून तिमाही में बैंक (Bank) के पास कुल जमा पूंजी 21,161 करोड़ रुपए थी. इन स्थितियों के बाद आरबीआई (Reserve Bank of India) ने हाल में इस बैंक (Bank) की ‎जिम्मेदारी ले ली थी. बैंक (Bank) के संचालन के लिए आरबीआई (Reserve Bank of India) ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई. वहीं पिछले साल की सितंबर तिमाही में बैंक (Bank) को 357.17 करोड़ रुपढ का घाटा हुआ था1 आरबीआई (Reserve Bank of India) ने डीबीएस बैंक (Bank) इंडिया के साथ लक्ष्मी विलास बैंक (Bank) की विलय की योजना की है. इसका लक्ष्य प्रतिबंध अवधि समाप्त होने से पहले इसे विलय करना का है.

इसी तरह की स्थिति पिछले साल सितंबर में पीएमसी बैंक (Bank) और इस साल मार्च में यस बैंक (Bank) में सामने आई थी. गौरतलब है ‎कि ‎‎क्लिक्स कै‎पिटल को दिए गए लोन में क्लिक्स कैपिटल ने अपनी लोन बुक का मूल्य 4200 करोड़ रुपए रखा था, जबकि एलवीबी ने इसे 1,200 रुपए से 1,300 करोड़ रुपए का लिख दिया, जिससे 2,500 रुपए 3,000 करोड़ रुपए से अधिक की मिसमैचिंग देखने को मिली, जिसके बाद बैंक (Bank) में आरबीआई (Reserve Bank of India) द्वारा नियुक्त निदेशक शक्ति सिन्हा ने कहा कि हम इतने ज्यादा गैप को पूरा नहीं कर सकते थे.

बैंक (Bank) ने पहले इंडियाबुल्स के साथ विलय करने की भी कोशिश की थी, जिसे आरबीआई (Reserve Bank of India) की अनुमति नहीं मिली थी. बैंक (Bank) की एनबीएफसी के साथ अनौपचारिक बातचीत भी हुई, लेकिन बात नहीं बन सकी. एलवीएस बैंक (Bank) का गठन 1926 में हुआ था. देशभर में बैंक (Bank) की 16 राज्यों में 566 शाखाएं और 918 एटीएम चल रहे हैं. बैंक (Bank) ने अपने ग्राहकों को भरोसा दिया था कि मौजूदा संकट का उनकी जमाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा.