चालू वित्त वर्ष में श्रम संहिताओं को लागू करने की संभावना नहीं – Daily Kiran
Sunday , 24 October 2021

चालू वित्त वर्ष में श्रम संहिताओं को लागू करने की संभावना नहीं

नई ‎दिल्ली . राज्यों द्वारा नियमों का मसौदा बनाने में देरी होने से चार श्रम संहिताओं का चालू वित्त वर्ष 2021-22 में कार्यान्वयन होना मुश्किल लग रहा है. आ‎धिका‎रिक जानकारी के मुता‎बिक श्रम संहिताओं को लागू करने में देरी की एक और वजह राजनीतिक जैसे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) भी है. इन कानूनों का कार्यान्वयन इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि इनके लागू होते ही कर्मचारियों का वेतन घट जाएगा और कंपनियों को ऊंचे भविष्य निधि दायित्व का बोझ उठाना पड़ेगा. श्रम मंत्रालय चार संहिताओं के तहत नियमों के साथ तैयार है. लेकिन राज्य नई संहिताओं के तहत इन नियमों को अंतिम रूप देने में सुस्त हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार (Central Government)भी राजनीतिक कारणों से इन संहिताओं को अभी लागू नहीं करना चाहती है. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) हो सकते हैं. ऐसे में सरकार अभी इन संहिताओं को लागू नहीं करना चाहती है. संसद द्वारा इन चार संहिताओं को पारित किया जा चुका है. लेकिन केंद्र के अलावा राज्य सरकारों को भी इन संहिताओं, नियमों को अधिसूचित करना जरूरी है. उसके बाद ही इन्हें संबंधित क्षेत्रों में लागू किया जा सकता है.

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