
कोलकाता, 23 फरवरी . तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के बयान पर आपत्ति जताई. उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर कौन कांग्रेस को भाजपा को हराने से मना कर रहा है. इसे लेकर पूरी तस्वीर साफ होनी चाहिए.
उन्होंने Monday को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुझे यह कहने में कोई परहेज नहीं है कि अगर आज की तारीख में कोई भाजपा को पराजित करने का प्लान बना रहा है, तो वो हमारी पार्टी टीएमसी है. प्रदेश की Chief Minister ममता बनर्जी के नेतृत्व में भाजपा को पराजित करने का प्लान बनाया जा रहा है, जिसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा. इसे धरातल पर उतारने की दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी. ऐसी स्थिति में मैं समझता हूं कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की तरफ से दिया गया बयान पूरी तरह से अर्थविहिन है, जिसकी मौजूदा Political परिदृश्य में कोई प्रासंगिकता नहीं है.
साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी ना सिर्फ भाजपा को हराने के ध्येय से पूरी रूपरेखा निर्धारित कर रही है, बल्कि कई मौकों पर उन्होंने इस बात को प्रमाणित भी कर दिखाया है कि उनके पास भाजपा को हराने की पूरी कुव्वत है.
उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस के पास भाजपा को Political मैदान में पटखनी देने का मौका था, आखिर उन राज्यों में कांग्रेस ने क्या किया? इसे लेकर भी पूरी तस्वीर साफ होनी चाहिए. इस संबंध में बाकायदा आधिकारिक बयान जारी किया जाए, ताकि पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सके.
टीएमसी नेता ने कहा कि मेरा सीधा-सा सवाल है कि कांग्रेस के लोगों ने Maharashtra में किया क्या था. वहां पर आप लोगों की तैयारी कैसी थी? आपको इस संबंध में अपनी वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. साथ ही, मेरा एक और सवाल है कि आखिर आप लोगों को देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुंह की क्यों खानी पड़ गई? इस बारे में आपको जवाब देना चाहिए. इसके अलावा, Haryana और बिहार में भी आप लोगों को क्यों हार का मुंह देखना पड़ा. आखिर आप लोग क्यों नहीं जीते?
साथ ही, उन्होंने ‘एआई इंम्पैक्ट समिट’ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के तरीके पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि निसंदेह विरोध प्रदर्शन होना चाहिए, लेकिन आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि आप किस तरह से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान आप किसी ऐसी प्रकार की स्थिति का पालन नहीं करें जिससे इसकी प्रासंगिकता कमजोर पड़ जाए.
उन्होंने कहा कि जब पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी को ऑक्सफोर्ड में आमंत्रित किया गया था, तब उस वक्त जिस तरह की स्थिति भाजपा के कुछ नेताओं ने पैदा की थी, उस तरह की स्थिति बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए थी. हम इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं.
–
एमएस/