Sunday , 11 April 2021

कुंभ मेलाः शाही अंदाज में निकली अखाड़ों की पेशवाई

-जगह-जगह पुष्प वर्षा से हुआ साधु-संतों का स्वागत

मथुरा (Mathura) . बसंत पंचमी से चल रही हरिद्वार (Haridwar) कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक का पहला शाही स्नान माघ पूर्णमासी को हुआ. बांकेबिहारी की नगरी में धूमधाम से शाही पेशवाई निकली. लोगों ने पुष्प वर्षा कर जगह-जगह स्वागत किया. कुंभ मेले में साधु-संतों और श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है.

संतों की शाही पेशवाई में सबसे आगे ध्वज पताका पर विराजमान हनुमान जी ने नेतृत्व किया. हनुमान जी के निशान की अगुवाई में शाही जुलूस सवारी के साथ चले. इसमें बैंडबाजे के साथ ऊंट-घोड़ा और घोड़ा-बग्गी पर सवार होकर साधु-संत निकले. शाही पेशवाई कुंभ क्षेत्र से शुरु होकर चुंगी चैराहा, अनाजमंडी, पुराना बजाजा, किशोरपुरा, विद्यापीठ चैराहा, बाँकेबिहारी मंदिरबाजार, अठखम्बा, वनखण्डी, लोई बाजार, प्रताप बाजार होते हुए पुनरू कुंभ मेला क्षेत्र पहुंची. प्रातः श्रीपंच निर्मोही अनी के श्रीमहंत धर्मदास महाराज, श्रीपंच दिगम्बर अनी के श्रीमहंत किशन दास महाराज एवं श्रीपंच निर्मोही अनी के श्रीमहंत राजेन्द्र दास महाराज एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत धर्मदास महाराज सहित अनी के 18 अखाड़ों के अलावा कुंभ क्षेत्र में लगे खालसाओं के महंतजन चांदी (Silver) , सोने से जड़े छत्रों में रथों, बग्घियों में विराजित होकर पेशवाई में चल रहे थे. वहीं सजे-धजे घोड़ों और ऊंटों पर भी संत सवार होकर चल रहे थे. खिलाड़ी संत बनैटी, तलवार, लाठियां और अन्य शस्त्रों से करतब दिखा रहे थे.

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