केजरीवाल सरकारी आवास पर हुए 29 करोड़ रुपए के खर्च का हिसाब दें : वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली, 5 अप्रैल . दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास पर 31 मार्च 2015 से 27 दिसंबर 2022 तक सिविल, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल, सीवेज और बढ़ईगीरी कार्यों पर करीब 29.56 करोड़ रुपए खर्च हुए. यह खुलासा एक आरटीआई के जवाब में हुआ है, जिसे अजय बसुदेव बोस ने दायर किया था. इस आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई थी कि इस अवधि में केजरीवाल के सरकारी आवास पर इन कार्यों पर कितना खर्च हुआ.

आरटीआई के जवाब में लोक निर्माण विभाग ने बताया कि केवल सिविल कार्यों पर 29,56,35,074 रुपए खर्च किए गए. इस खर्च को लेकर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार के काले कारनामे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं.

समाचार एजेंसी से बात करते हुए वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अगर 29 करोड़ रुपए सिविल कार्यों पर खर्च हुए हैं, तो यह पैसा जनता के टैक्स से आया है और इसके खर्च का हिसाब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री को देना चाहिए. हम सरकार से मांग करेंगे कि आखिर इतने करोड़ कहां खर्च किए गए, उसका हिसाब किया जाए और दिल्ली की जनता की कमाई का जो पैसा लूटा गया, वह उनसे वसूला जाए.

इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि हमने मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है, जो शराब घोटाले में शामिल हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा के क्षेत्र में केजरीवाल और सिसोदिया ने घोटाले किए हैं और अब इस मामले की जांच भी की जाएगी.

वहीं, दिल्ली और भारत सरकार के बीच आयुष्मान योजना को लेकर एमओयू साइन होने पर सचदेवा ने कहा कि यह दिल्ली की जनता के लिए बड़ी राहत की बात है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार पूरे हिंदुस्तान में आयुष्मान योजना से जो हमारे गरीब लोग हैं, जो हमारे वृद्ध लोग हैं, जो करोड़ों लोगों को लाभ मिल रहा था, दिल्ली की जनता भी इसका लाभ उठा पाएगी, क्योंकि अरविंद केजरीवाल की सरकार ने इस योजना को लागू नहीं होने दिया था. 10 अप्रैल से इस योजना का रजिस्ट्रेशन प्रारंभ होगा और मुझे उम्मीद है कि दिल्ली के लाखों लोगों को इसका फायदा मिलेगा.

पीएसके/एबीएम