Friday , 27 November 2020

जीवन रक्षा के लक्ष्य को सर्वोपरि रख सेवाभाव से काम करें : शोक गहलोत

जयपुर (jaipur) . मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेस के माध्यम से कोविड-19 (Covid-19) को लेकर निजी अस्पताल के प्रतिनिधियों से रूबरू होते हुए कहा कि प्रदेश के सभी अस्पताल और चिकित्साकर्मी कोविड-19 (Covid-19) महामारी (Epidemic) के इस दौर में जीवन रक्षा के लक्ष्य को सर्वोपरि रख पूरे सेवाभाव के साथ उपचार उपलब्ध करवाएं. उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल सामाजिक, नैतिक एवं व्यावसायिक दायित्वों को निभाते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के निर्देशों एवं सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप निर्धारित दरों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें. इस विषम परिस्थिति में हमारा सर्वोच्च उद्देश्य जीवन बचाना हो, लाभ कमाना नहीं.

उन्होने कहा कि निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बेहतर तालमेल से किसी भी चुनौती का सामना करना आसान हो जाता है. निजी क्षेत्र के सहयोग से प्रदेश में अब तक कोविड-19 (Covid-19) का बेहतरीन प्रबंधन रहा और रोगियों को समय पर उपचार मिल सका है. उन्होंने कहा कि सर्दी, त्यौहारी सीजन सहित अन्य कारणों से पिछले कुछ दिनों से पॉजिटिव केसेज बढ़ रहे हैं तथा गंभीर रोगी भी अधिक सामने आ रहे हैं. इसे देखते हुए ऑक्सीजन एवं आईसीयू बैड की संख्या बढ़ाना जरूरी है. राज्य सरकार (State government) राजकीय अस्पतालों में लगातार चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर रही है.

निजी अस्पताल भी बैड्स की संख्या बढ़ाएं ताकि एक भी कोविड रोगी उपचार से वंचित न हो.मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि आपदा में मिलजुल कर सेवाभाव से काम करना राजस्थान (Rajasthan) की परंपरा रही है. हमने जनप्रतिनिधि, उद्यमी, भामाशाह, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संस्थाओं सहित हर वर्ग को इस लड़ाई में साथ लिया है. मास्क लगाने के लिए बनाए गए कानून तथा आतिशबाजी पर रोक जैसे कदमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. लोगों में इससे जागरूकता बढ़ी है. गहलोत ने कहा कि बीमारी गांव-शहर, धर्म-जाति या आम और खास देखकर नहीं आती, इसलिए कोई भी इस बीमारी को हल्के में न ले. गांव में भी इस महामारी (Epidemic) के कारण मौतें हो रहीं हैं. इसे देखते हुए वहां भी पूरी सतर्कता रखते हुए लोगों को हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना तथा समय पर जांच एवं उपचार के लिए जागरूक किया जाए.

उन्होंने कहा कि समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण कई रोगियों में संक्रमण का प्रभाव बढ़ जाता है और मृत्यु तक हो जाती है. मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि ऑक्सीजन लेवल की जांच के लिए राज्य सरकार (State government) ने एएनएम स्तर तक के चिकित्साकर्मियों को ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाए हैं. अब आशा सहयोगिनियों को भी ऑक्सीमीटर दिए जा रहे हैं ताकि गांव-ढाणी तक लोगों को ऑक्सीजन लेवल जांच की सुविधा मिल सके और वे इस महामारी (Epidemic) के खतरे से बच सकें. उन्होंने कहा कि नेगेटिव हुए लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं के निदान के लिए हर जिले में पोस्ट-कोविड क्लिनिक शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं.