काशी तमिल संगमम से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना मजबूत होती है: पीएम मोदी

New Delhi, 2 दिसंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Tuesday से शुरू हुए ‘काशी तमिल संगमम’ के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह जीवंत कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और गहरा करता है.

Prime Minister मोदी ने एक्स पर लिखा, “काशी तमिल संगमम आज प्रारंभ हो रहा है. यह जीवंत कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को गहराता है. संगमम में शामिल होने आ रहे सभी लोगों को काशी में सुखद और यादगार प्रवास की शुभकामनाएं!”

काशी तमिल संगमम का चौथा संस्करण 2 से 15 दिसंबर तक चल रहा है. यह तमिलनाडु और वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान का प्रमुख कार्यक्रम है.

इस पहल की शुरुआत 2022 में हुई थी, जिसका उद्देश्य तमिलनाडु और काशी के बीच प्राचीन सभ्यता, भाषाई और आध्यात्मिक संबंधों को फिर से प्रगाढ़ करना है.

कार्यक्रम के शुभारंभ से पहले उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर उत्साह व्यक्त किया.

उन्होंने लिखा, “आज पवित्र नगरी वाराणसी, बाबा विश्वनाथ की धरती पर आरंभ होने वाला ‘काशी तमिल संगमम’ ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण है. यह भव्य आयोजन ‘लेट अस लर्न तमिल’ थीम के साथ उत्तर और दक्षिण India की संस्कृति और परंपराओं को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम बनेगा.”

उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के मार्गदर्शन में ‘न्यू इंडिया’ वैदिक और सांस्कृतिक चेतना के शिखर पर पहुंच रहा है.

पहला संस्करण (2022) लगभग एक महीने तक आयोजित हुआ था, जिसमें दोनों राज्यों के विद्वानों, छात्रों, कलाकारों और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया था और ये इसका चौथा संस्करण है, जिसकी शुरुआत वाराणसी में Tuesday से हुई और जिसका समापन समारोह रामेश्वरम में आयोजित किया जाएगा, जो India के उत्तर और दक्षिण के पवित्र छोरों के प्रतीकात्मक जुड़ाव को दर्शाता है.

इस बार का थीम “तमिल सीखें” रखा गया है. इसका उद्देश्य तमिल भाषा की समृद्धि और शास्त्रीय साहित्यिक विरासत को प्रोत्साहित करना है, विशेषकर उत्तर भारतीय छात्रों को इस विरासत से जोड़ना है.

काशी तमिल संगमम फिर एक बार उत्तर और दक्षिण India की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का सेतु बनने की ओर अग्रसर है.

डीएससी

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