कर्नाटक उच्च न्यायालय ने डिप्‍टी सीएम शिवकुमार के खि‍लाफ सीबीआई जांच को दी मंजूरी

बेंगलुरु, 19 अक्टूबर . कर्नाटक उच्च न्यायालय ने गुरुवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई की कार्यवाही को रद्द करने की मांग करने वाली डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार शिवकुमार की याचिका याचिका खारिज कर दी. इसने राज्‍य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है.

विपक्षी भाजपा ने फैसले का स्वागत किया है. जद (एस) ने कहा कि शिवकुमार के जेल वापस जाने के उसके पहले के बयान और वर्तमान अदालत के आदेश के बीच कोई संबंध नहीं है.

पूर्व डिप्टी सीएम भाजपा के के.एस. ईश्वरप्पा ने गुरुवार को शिवमोग्गा में कहा कि शिवकुमार एक बार फिर जेल जाएंगे.

ईश्वरप्पा ने कहा, “शिवकुमार इस मामले में कारावास के बाद जमानत पर बाहर आ गए हैं. सीबीआई उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कर रही है. वह फिर जेल जाएंगे. मैं इसे लिखित रूप में दे सकता हूं.”

उन्होंने कहा, “शिवकुमार जिद की राजनीति कर रहे हैं. छापों में 100 करोड़ रुपये की अवैध धनराशि मिली है. क्या भाजपा के लिए जांच की मांग करना गलत है? हमने अभी तक यह घोषित नहीं किया है कि आप (शिवकुमार) चोर हैं.”

बीजेपी विधायक महेश तेंगिनाकायी ने कहा कि वह हाई कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हैं. सीबीआई को जांच शुरू करने दीजिए और शिवकुमार के खिलाफ आरोप साबित करने दीजिए. सत्य की हमेशा जीत होगी. उन्होंने कहा, अगर शिवलकुमार ने गलत किया है, तो उन्हें परिणाम भुगतना होगा.

शिवकुमार के पास से बड़ी रकम बरामद हुई थी और आरोप भी बड़ा था. उन्होंने कहा, ”सीबीआई को मामले को तार्किक अंत तक ले जाने दीजिए.”

पूर्व सीएम एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि शिवकुमार के तिहाड़ जेल जाने के उनके बयान और अदालत के फैसले के बीच कोई संबंध नहीं है.

उन्होंने कहा, “शिवकुमार ने कहा था कि वह हमें रामनगर से अपने मूल हसन जिले में जाने के लिए मजबूर करेंगे. मैंने कहा था कि हम हसन वापस जाएंगे और वह तिहाड़ जेल जाएंगे. देखते हैं,क्या होता है.”

भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सी.टी. रवि ने कन्नड़ में एक कहावत उद्धृत की कि जो गलती करता है, उसे अंततः परिणाम भुगतना ही पड़ता है.

उन्होंने कहा,”जो दोषी है उसे सजा मिलनी चाहिए. ईमानदार को परेशान नहीं होना चाहिए. घोटाला तो एक न एक दिन सामने आना ही है. कहावतें सदियों से यूं ही नहीं बनतीं. कानून से ऊपर कोई नहीं है. मैं खुद हूं.” सीएम, डिप्टी सीएम, पीएम किसी को भी कानून के सामने पसंदीदा व्यवहार नहीं मिलता है. डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने कहा था कि कानून के सामने सभी बराबर हैं. हमारे देश में, कुछ भी करने और बच निकलने का रवैया काम नहीं करेगा.”

इस घटनाक्रम को उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के लिए एक गंभीर झटका माना जा रहा है, जो राज्य में विपक्षी दलों भाजपा और जद (एस) पर आक्रामक रूप से हमला कर रहे हैं. सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (2) और 13 (1)ई के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि शिवकुमार ने 2018 और 2023 के बीच अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है.

शिवकुमार ने मामले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी.

एमकेए/एसएचबी

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