
Bengaluru, 26 जनवरी . कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को खत्म करने के विरोध में Tuesday को ‘राजभवन चलो’ मार्च निकालेगी. उपChief Minister और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने Monday को Bengaluru स्थित पार्टी मुख्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह के बाद इसकी घोषणा की.
शिवकुमार ने कहा, “महात्मा गांधी के नाम पर शुरू की गई मनरेगा योजना को खत्म करना बेहद चिंताजनक है. इससे लोगों के काम के अधिकार पर सीधा असर पड़ेगा. इसके विरोध में हम पूरे देश में आंदोलन कर रहे हैं. इसी कड़ी में Tuesday को कर्नाटक में ‘राजभवन चलो’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.”
उन्होंने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य के हर तालुका में कम से कम पांच किलोमीटर की पदयात्रा निकाली जाएगी. साथ ही, ग्राम पंचायत स्तर पर कांग्रेस के प्रतिनिधियों और नेताओं को इन विरोध कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं.
शिवकुमार ने दावा किया कि कर्नाटक Government ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत हर साल लगभग 6,000 करोड़ रुपए खर्च कर रही है.
उन्होंने कहा, “हम विधानसभा में भी विरोध प्रदर्शन करेंगे. राज्य विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी और एक प्रस्ताव पारित करने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं. हम “जी राम जी” कानून को वापस लेने की मांग करेंगे और अपना आंदोलन जारी रखेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन किया था, जब तक केंद्र Government ने उन्हें वापस नहीं ले लिया.”
विरोध प्रदर्शन में भागीदारी को लेकर शिवकुमार ने कहा कि संसद और राज्य विधानसभा के सत्र चलने के बावजूद कांग्रेस पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी.
उन्होंने कहा, “बीजेपी और जेडी (एस) इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप हैं. ग्रामीण क्षेत्र से चुने गए विधायक होने के नाते मैं उनकी इस चुप्पी पर सवाल उठाता हूं. राज्यों को फंड कौन देगा? केंद्र Government को केंद्रीय बजट में इसके लिए पर्याप्त धन आवंटित करना चाहिए.”
मनरेगा को एक संवैधानिक अधिकार बताते हुए शिवकुमार ने कहा कि जब तक यह फैसला वापस नहीं लिया जाता, तब तक कांग्रेस अपनी लड़ाई जारी रखेगी. उन्होंने बताया कि जिला मंत्री और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि मिलकर पांच किलोमीटर लंबे विरोध मार्च में हिस्सा लेंगे.
उन्होंने कहा, “यह लड़ाई हम एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी के नेतृत्व में लड़ेंगे.”
शिवकुमार ने कहा कि जो लोग काम करना चाहते हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से जॉब कार्ड जारी किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा, “कुछ नेताओं ने हमें बहस की चुनौती दी है. वे आएं, हम उन्हें विधानसभा में जवाब देंगे.”
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कर्नाटक के उपChief Minister डी.के. शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस Government संविधान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. Government स्कूली बच्चों और युवाओं के बीच संविधान के मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है.
पूर्व Prime Minister एच.डी. देवेगौड़ा द्वारा अपने बेटे और जेडी (एस) विधायक एच.डी. रेवन्ना की गिरफ्तारी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होता है और किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता.
Union Minister एच.डी. कुमारस्वामी के इस दावे पर कि लोग उन्हें Chief Minister के रूप में देखना चाहते हैं, शिवकुमार ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि इस शुभ अवसर पर ऐसी बातें करना उचित नहीं है और इसे अशुभ विषय बताया.
शिवकुमार ने आगे कहा कि वे सार्वजनिक जीवन में राज्य की जनता की सेवा करने के लिए हैं, न कि अपने परिवारों के लिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कुछ लोग उन्हें याद न करें, तो उन्हें नींद नहीं आएगी और इसी कारण वे हमेशा उन्हें याद करते रहते हैं.
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एसएचके/वीसी