Monday , 26 July 2021

कमलनाथ ने लगवाई वैक्सीन

भोपाल (Bhopal) . प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) कमलनाथ ने कहा है कि उन्हें कोरोना वैक्सीन पर न केवल पूरा भरोसा है, बल्कि वे अपील करते हैं कि सभी इसे लगवा लें. कमलनाथ ने ये बात गुरुवार (Thursday) को वैक्सीन लगवाने के बाद कही.
पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा अगर मैं पहले वैक्सीन लगवाता तो गलत होता. क्योंकि नंबर के हिसाब से पहला नंबर बुजुर्गों और फिर फ्रंट लाइन वर्कर्स का था. मैं सभी से अपील करता हूं कि आप सभी वैक्सीनेशन करवाएं. क्योंकि जिस तरह से कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, उस परिस्थिति में जनता भी अपनी जिम्मदारी उठाए और वैक्सीनेशन कराए. कमलनाथ ने कहा कि मुझे भरोसा है तभी तो वैक्सीनेशन कराया.

पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने इस अंदाज में कसा तंज

वैक्सीनेशन के बाद कमलनाथ भाजपा और शिवराज पर बरसे. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित प्रदेशों में मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर है. यह बड़ी चिंता का विषय है. उन्होंने कहा – बाकी सभी के लिए कर्फ्यू (Curfew) है, जबकि मुख्यमंत्री (Chief Minister) खुद बड़े-बड़े आयोजन कर रहे हैं. शराब की दुकानें खुली हैं. उन्होंने कहा – मैंने तो पहले ही कहा था कि गंभीर स्थिति उत्पन्न होने वाली है. पहले करोना-डरोना के नाम पर मजाक उड़ाया गया.

मेरा उद्देश्य सौदे की राजनीति करना नहीं था

कमलनाथ ने कहा – हालत यह है कि हमारी कानून व्यवस्था को भी कोविड हो गया है. हमारे किसान परेशान हैं. इनकी परेशानी से पूरा देश परेशानी में रहता है. 20 मार्च को लेकर बोले 20 मार्च जाएगी अगले साल भी 20 मार्च आएगी. मैं सौदे की राजनीति मध्य प्रदेश में नहीं करना चाहता था. मैं मुख्यमंत्री (Chief Minister) था और मेरा लक्ष्य था कि मध्य प्रदेश की पहचान सौदे की राजनीति से नहीं होना चाहिए. मध्य प्रदेश की जनता पर पूरा भरोसा है. जनता ने मुझे चुना था सरकार जनादेश से बनाई थी. जनता बहुत जागरूक है. आज के मतदाता और 10 साल के मतदाता में बहुत अंतर है.

कर्जे के नीचे दबी हुई है भाजपा सरकार

पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा- पहले हम मतदाता को समझाते थे, आज मतदाता हमें समझाता है. जयंत मलैया के संपर्क में होने की बात पर बोले कि मैं इस तरह की राजनीति नहीं करता. सरकार के तीन हजार करोड़ के कर्ज लेने पर बोले कमलनाथ कि यह सरकार कर्जे पर टिकी है. सरकार राजनैतिक कर्जे और आर्थिक कर्जे के नीचे दबी हुई है.

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