Tuesday , 15 June 2021

जस्टिस रमन्ना हो सकते हैं सुप्रीम कोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश, सीजेआई बोबडे ने की सिफारिश


नई दिल्ली (New Delhi) . सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश (judge) जस्टिस एनवी रमन्ना देश के अगले मुख्य न्यायाधीश (judge) हो सकते हैं. मौजूदा मुख्य न्यायाधीश (judge) (सीजेआई) एसए बोबडे ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस रमन्ना के नाम की सिफारिश की है.

सीजेआई बोबडे 23 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं. जस्टिस नाथुलापति वेंकट रमन्ना को 2 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) का जज नियुक्त किया गया है. उनके कार्यकाल में दो साल से कम समय बचा है, क्योंकि 26 अगस्त 2022 में वह रिटायर होने वाले हैं. उन्होंने 10 फरवरी 1983 में वकालत शुरू की थी. जिस दौरान चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh)के मुख्यमंत्री (Chief Minister) थे, उस दौरान जस्टिस रमन्ना आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh)सरकार के एडीशनल एडवोकेट जनरल हुआ करते थे.

किसान परिवार से संबंध रखने वाले एनवी रमन्ना ने साइंस और लॉ में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh)हाईकोर्ट, केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में कानून की प्रैक्टिस शुरू की. राज्य सरकारों की एजेंसियों के लिए वह पैनल काउंसेल के तौर पर भी काम करते थे. 27 जून 2000 में वो आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh)हाईकोर्ट में स्थाई जज के तौर पर नियुक्त किए गए.

इसके बाद सन 2013 में 13 मार्च से लेकर 20 मई तक वो आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh)हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ़ जस्टिस रहे. 2 सितंबर 2013 को जस्टिस रमन्ना का प्रमोशन हुआ. इसके बाद वो दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस नियुक्त किए गए. फिर 17 फरवरी 2014 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) का जज बनाया गया. जस्टिस एनवी रमन्ना फिलहाल सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के सीनियर जजों में सीजेआई एसए बोबडे के बाद वह दूसरे नंबर पर आते हैं. ऐसे में उनका अगला सीजेआई बनना तय माना जा रहा है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में जजों की अनुमोद‌ित संख्या 34 (चीफ जस्टिस समेत) है. हालांकि, कोर्ट वर्तमान में 30 जजों के साथ ही कार्यरत है, क्योंकि जस्ट‌िस गोगोई, जस्ट‌िस गुप्ता, जस्ट‌िस भानुमति और जस्टिस मिश्रा की सेवानिवृत्ति के बाद अब तक एक भी नियुक्ति नहीं की गई है. जस्ट‌िस गोगोई 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि शेष 2020 की शुरुआत में सेवानिवृत्त हुए थे.

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