Sunday , 12 July 2020
jio-फेसबुक डील के बाद अमेजन और गूगल पर बढ़ा ‘फोमो’ का दबाव

jio-फेसबुक डील के बाद अमेजन और गूगल पर बढ़ा ‘फोमो’ का दबाव

नई दिल्ली.रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म और फेसबुक के बीच समझौते के बाद दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल और अमेजन पर फियर ऑफ मिसिंग आउट (फोमो) का दबाव बढ़ रहा है. अमेरिकी फाइनेंशियल सर्विस कंपनी बोफो सिक्युरिटीज की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक और जियो के बीच डील के बाद फेसबुक गूगल को प्रभाावित कर सकती है, क्योंकि विज्ञापन और भुगतान के मामले में गूगल भारत में फेसबुक की सबसे बड़ी प्रतियोगी कंपनी है. वहीं रिलायंस इंडस्ट्र्रीज अपने रिटेल कारोबार के बल पर अमेजन को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि रिलायंस और फेसबुक की साझेदारी सीधे अमेजन इंडिया को टक्कर दे सकती है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि मीडिया की रिपोर्ट्स सही है, तो हम यह मानकर चल रहे हैं कि गूगल और अमेजन दोनों दौड़ में पीछे न छूट जाने के डर (फोमो) से भारत की अन्य टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझेदारी कर सकते हैं. आपको बता दें कि फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म्स में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है. इसके बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात की संभावना जाहिर की जा रही है कि देश की दो अन्य टेलीकॉम कंपनियां भी अमेरिकी टेक्नोलॉजी दिग्गजों को साझेदारी के लिए आकर्षित कर सकती हैं.
गूगल देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आईडिया में 5 फीसदी हिस्सेदारी लेने पर विचार कर रही है. इसके बाद कुछ अन्य मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि अमेजन देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल में 2 अरब डॉलर की हिस्सेदारी लेना चाहती है. फेसबुक, गूगल और अमेजन जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियां भारत को एक महत्वपूर्ण बाजार मानती हैं. भारत दुनिया में सबसे तेजी से विकास कर रहा इंटरनेट बाजार है. यहां इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 65 करोड़ है, जो दुनिया में दूसरी सबसे अधिक है. देश की 6.6 फीसदी आबादी फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का उपयोग कर रही है. अधिकतर उपभोक्ताओं तक टेलीकॉम कंपनियों के जरिए इंटरनेट पहुंच रहा है. वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी यदि इन टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझेदारी करती हैं, तो वे विशेष डिजिटल उत्पाद पेश कर पाने में ज्यादा सक्षम हो जाएंगी और इसका फायदा टेलीकॉम व टेक्नोलॉजी कंपनियों दोनों को मिलेगा.