Tuesday , 27 October 2020

Jee main परीक्षा शुरू, पांच शहरों में करीब 23हजार परीक्षार्थी ले रहे है हिस्सा


रांची( ). कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच जेईई मेन की परीक्षा आज से शुरू हुई. राज्य में परीक्षा में शामिल होने वाले 23 हजार विद्यार्थियों के लिए पांच शहरों में आठ परीक्षा केंद्र बनाए गए गए हैं. छह दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा के लिए रांची, धनबाद और जमशेदपुर (Jamshedpur) में दो-दो जबकि हजारीबाग और बोकारो में एक-एक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. कोरोना काल में हो रही परीक्षा को लेकर परीक्षा केंद्रों पर व्यापक तैयारियां नजर आयी. प्रवेश और निकास में सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन के साथ परीक्षा केंद्रों पर छात्रों को मास्क, ग्लव्स और सेनेटाइजर दिए गये.

केंद्र पर कंप्यूटर की संख्या बढ़ाने के साथ ही एक आइसोलेशन रूम भी बनाया गया है. कोरोना के कोई भी लक्षण पाए जाने पर ऐसे छात्रों को आइसोलेशन रूम में बैठाया जाएगा. रांची (Ranchi) में परीक्षा के लिए दो केंद्र तुपुदाना और टाटीसिल्वे में बनाए गए हैं. जहां करीब आठ हजार परीक्षार्थी अगले छह दिनों तक होने वाली इस परीक्षा में शामिल हो रहे है. आज तुपुदाना सेंटर में एक शिफ्ट में परीक्षा हुई, जबकि बुधवार (Wednesday) से दोनों केंद्रों पर दो-दो शिफ्ट में परीक्षा होगी. दोनों शिफ्ट को मिलाकर लगभग 1500 छात्र (student) रोज शामिल परीक्षा केंद्रों पर कोविड के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है. सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग और सेनेटाइजेशन और मास्क के साथ ही छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दी गयी. छात्रों के साथ आने वाले अभिभावकों के लिए भी अलग से इंतजाम करने का निर्देश केंद्र संचालक को दिया गया है. सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए सेंटर के आसपास उनके ठहरने की व्यवस्था की जाएगी.

भीड़ से बचने के लिए सभी परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र पहुंचने का समय बताया गया. परीक्षार्थियों ने एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग टाइम पर परीक्षा केंद्र में रिपोर्ट की. एंट्री प्वॉइंट पर एडमिट कार्ड के बार कोड को स्कैन करने के लिए इंट्री प्वॉइंट पर बारकोड रीडर की व्यवस्था की गयी थी. वहीं विद्यार्थियों व स्टाफ के लिए परीक्षा केंद्र के बाहर (इंट्री प्वॉइंट) व अंदर कई जगहों पर हैंड सेनेटाइजर की व्यवस्था की गयी है. परीक्षार्थियों को एक पासपोर्ट साइज फोटो अटेंडेंस शीट पर चिपकानी होगी. जिस परीक्षार्थियों का बॉडी टेम्परेचर 99.4 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा होगा, उन्हें आइसोलेशन रूम में ले जाया गया, उनसभी ने वहीं बैठकर परीक्षा दी. जबकि थंब इम्प्रेशन के जरिए उपस्थिति नहीं ली गयी.