नालासोपारा, 7 मार्च . देशभर में शुक्रवार को ‘जन औषधि दिवस’ मनाया जा रहा है. महाराष्ट्र के नालासोपारा में भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए. मौजूद लोगों ने ‘जन औषधि दवाओं’ की प्रशंसा की.
वसई-विरार के भाजपा जिला अध्यक्ष महेंद्र पाटिल ने से कहा, “आज पूरे देश में जन औषधि दिवस मनाया जा रहा है. कई वरिष्ठ नागरिक ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और अन्य बीमारियों के लिए दैनिक दवाओं पर निर्भर हैं. ये जेनेरिक दवाइयां अक्सर नियमित मेडिकल स्टोर में महंगी होती हैं. हालांकि, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से वही दवाइयां बहुत कम कीमतों पर उपलब्ध कराई जाती हैं.”
विलास गोपाल मिस्त्री ने से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, “मुझे जन औषधि केंद्र के माध्यम से सस्ती दवाई मिल पा रही है. पहले दवाइयों पर महीने में पांच हजार रुपये खर्च होते थे, लेकिन जन औषधि केंद्र के खुलने से अब सिर्फ 500 रुपये ही खर्च हो पाते हैं. पीएम मोदी ने लोगों की सुविधा के लिए बहुत अच्छा काम किया है, मैं उनका आभार जताता हूं.”
एक ग्राहक बाबू देवजी नागर ने कहा कि मेरी पत्नी को हार्ट अटैक पड़ा था. मेरी पत्नी की दवाइयां जन औषधि केंद्र से ही चल रही हैं और इससे हमारी बचत भी हो रही है. मैं पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने गरीबों के बारे में सोचा.
जन औषधि केंद्र के संचालक अवधेश तिवारी ने कहा कि 7 मार्च को देश में ‘जन औषधि दिवस’ मनाया जा रहा है. इस योजना के बारे में जागरूकता युद्धस्तर पर बढ़ाई जा सके, इसी के तहत आज ‘जन औषधि दिवस’ मनाया जा रहा है. हम सभी को बताएंगे कि ‘जन औषधि दवाइयां’ किस तरह से लोगों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं.
उन्होंने कहा, “जन औषधि केंद्र पर दवाइयां सस्ती मिलती हैं, जिससे गरीबों को काफी बचत होती है. साथ ही इन दवाइयों की क्वालिटी ब्रांडेड दवाइयों के बराबर ही होती है, इसी वजह से डब्ल्यूएचओ ने भी इसे मान्यता दी है.”
‘जन औषधि दिवस’ का उद्देश्य इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाना और जेनेरिक दवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. इस पहल को समर्थन देने के लिए 1 मार्च से 7 मार्च तक पूरे देश में सप्ताह भर के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
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एफएम/एकेजे