शंघाई शिखर सम्मेलन में रूसी विदेश मंत्री से जयशंकर की भेंट – Daily Kiran
Saturday , 23 October 2021

शंघाई शिखर सम्मेलन में रूसी विदेश मंत्री से जयशंकर की भेंट

नई दिल्ली (New Delhi) . शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे पहुंच गए हैं. कार्यक्रम की शुरुआत से पहले उन्होंने रूसी समकक्ष सार्जे लावरोव से मुलाकात की. दोनों मंत्रियों के बीच अफगानिस्तान समेत कई मुद्दों को लेकर चर्चा हुई है. इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (Friday) को दी. इससे पहले भी जयशंकर ने ईरान, आर्मेनिया और उज्बेकिस्तान के समकक्षों के साथ मुलाकात की थी. एससीओ शिखर सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) संबोधित कर रहे हैं. लावरोव और जयशंकर की मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी, ‘अफगानिस्तान समेत अन्य समसामायिक मुद्दों पर एक उपयोगी चर्चा रही.’ एससीओ शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान के मौजूदा हालात, आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की जानी है. कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व जयशंकर कर रहे हैं. ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में यह आयोजन हाईब्रिड फॉर्मेट में किया जा रहा है.

गुरुवार (Thursday) को जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच चर्चा हुई थी. इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री ने पूर्वी लद्दाख का मुद्दा उठाया था और इसके जल्द समाधान किए जाने का समर्थन किया था. खबर के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों ने क्षेत्र में वर्तमान हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया और इस बात पर सहमति जताई कि दोनों पक्षों के सैन्य एवं राजनयिक अधिकारियों को जल्द से जल्द फिर मुलाकात करनी चाहिए और लंबित मुद्दों के समाधान पर चर्चा करनी चाहिए. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि दुशांबे में एससीओ की बैठक से इतर ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान से ‘मिलकर खुशी हुई’. उन्होंने कहा, ‘द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय चुनौतियों पर मिलकर काम करने को लेकर चर्चा हुई.’ आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान के साथ बैठक पर जयशंकर ने कहा कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग की ‘सकारात्मक समीक्षा’ की और इसे आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए. उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ बैठक के बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री अब्दुल अजीज कामिलोव से मिलकर अच्छा लगा. हमारी बातचीत अफगानिस्तान की स्थिति पर केंद्रित थी. आतंकवाद और कट्टरता का मुकाबला करने वाले देशों के रूप में, हमारा घनिष्ठ सहयोग पारस्परिक हित में है.’
 

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